19 मार्च से शुरू होगी चैत्र नवरात्रि: अमावस्या तिथि में होगी कलश स्थापना और ‘रौद्र’ संवत्सर का उदय

चैत्र नवरात्रि इस बार 19 मार्च गुरुवार से शुरू होकर 27 मार्च शुक्रवार तक मनाई जाएगी। ज्योतिष के अनुसार कई साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब अमावस्या तिथि में कलश स्थापना होगी।

इंदौर के खजराना महाकाली मंदिर के पं. गुलशन अग्रवाल ने बताया कि 19 मार्च गुरुवार की प्रातः 06.53 से एकम तिथि लगेगी, जो कि दूसरे दिन 20 मार्च की प्रातः 04.53 तक रहेगी। इस वर्ष एकम तिथि का क्षय हो रहा है। इसलिए इस वर्ष उदयातिथि अमावस में ही चैत्र नवरात्रि का महापर्व मनाया जाएगा और घट स्थापना भी इसी दिन होगी।

19 मार्च को शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग भी बन रहा है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। इस बार चैत्र नवरात्रि बेहद शुभ है। क्योंकि सालों बाद ऐसा मौका है, जब प्रतिपदा नहीं बल्कि अमावस्या तिथि में हर घर कलश स्थापना कर देवी की आराधना शुरू की जाएगी। खास बात ये भी है कि प्रतिपदा तिथि के हानि के बाद भी नवरात्रि पूरे नौ दिनों की होगी।

चैत्र अर्थात वासंतिक नवरात्र में माता भगवती का आगमन इस वर्ष डोला अर्थात पालकी पर सवार होकर होगा तथा गज अर्थात हाथी पर सवार होकर जाएंगी। चैत्र अर्थात वासंतिक नवरात्र के साथ ही साथ नवसंवत्सर 2083 अर्थात हिंदू नव वर्ष का आरंभ भी होता है। वासंतिक नवरात्र के साथ रौद्र नामक नव संवत्सर का भी आरंभ 19 मार्च दिन गुरुवार से होगा। रौद्र नामक इस नव संवत्सर के राजा गुरु एवं मंत्री मंगल होंगे।

नवरात्र की शुरुआत गुरुवार से हो रही है अतः माता का आगमन डोला अर्थात पालकी की सवारी पर होगा। जो कि अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्र के लिए तनाव, अशांति अराजकता, कष्ट तथा भयंकर रोग का संकेत देता है। आम जनमानस के सुख, सम्पन्नता, प्रगति तथा शांति में कमी तथा कष्ट में वृद्धि कारक होता है। माता का गमन गज अर्थात हाथी पर होगा।

इस प्रकार इस नवरात्र में माता का गमन यानी प्रस्थान शुक्रवार को होने के कारण हाथी पर होगा। गज यानी हाथी पर माता के गमन से अच्छी बारिश और सुख समृद्धि में वृद्धि की स्थिति उत्पन्न करने वाली होती है। माता का गमन कष्टों को दूर करने वाला होगा। यह त्योहार हिंदू चंद्र पंचांग के चैत्र महीने और वसंत ऋतु के आगमन के साथ मनाया जाता है। चैत्र नवरात्रि को वसंत नवरात्रि या राम नवरात्रि भी कहा जाता है, क्योंकि भगवान राम का जन्मदिन, राम नवमी, नौवें दिन मनाया जाता है।