हाल ही में वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (GSTN) ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए करदाताओं को नए और आसान तरीके से प्रक्रिया पूरी करने का मौका मिलेगा। इस बदलाव के बाद प्रमोटर और निदेशक अपने गृह राज्य में ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा कर सकेंगे, जिससे अब उन्हें दूसरे राज्य में जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करवाने की जरूरत नहीं होगी।
क्या था पहले का तरीका?
पहले, जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए करदाताओं को दो तरीके अपनाने होते थे। पहला तरीका ओटीपी सत्यापन का था, जबकि दूसरा तरीका था बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए जीएसटी सुविधा केंद्र पर जाना। इस प्रक्रिया के तहत, करदाता को कंपनी के पंजीकृत अधिकार क्षेत्र में जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराना पड़ता था। लेकिन अब नए नियमों के तहत, यह सुविधा प्रदान की गई है कि कारोबारी अपने गृह राज्य में ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
कौन उठा सकता है इस नई सुविधा का लाभ?
नए नियमों का लाभ केवल कुछ विशेष प्रकार की कंपनियों को मिलेगा। इस सुविधा का लाभ सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियां, निजी लिमिटेड कंपनियां, असीमित कंपनियां और विदेशी कंपनियां ही उठा सकती हैं। प्रमोटर और निदेशक अब अपने गृह राज्य में ही जीएसके (GST Suvidha Kendra) का चुनाव कर सकते हैं, जिससे रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और भी आसान हो जाएगी।
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
इस नई बायोमेट्रिक प्रक्रिया के तहत, चुने गए आवेदकों को एक ईमेल नोटिस प्राप्त होगा, जिसमें एक लिंक दिया जाएगा। इस लिंक के माध्यम से प्रमोटर और निदेशक अपने गृह राज्य में जीएसके का चयन कर सकेंगे। ध्यान रहे, यह ऑप्शन केवल एक बार मिलेगा, और एक बार चयन करने के बाद उसमें बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
इस प्रक्रिया के बाद, एक नई स्लॉट बुकिंग लिंक के साथ कंफर्मेशन ईमेल भेजा जाएगा। इसके बाद, प्रमोटर या निदेशक को जीएसके में आने से पहले बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करना आवश्यक होगा। यदि प्रमोटर और प्राथमिक प्राधिकृत हस्ताक्षर (PAS) एक ही व्यक्ति हैं, तो उन्हें इस प्रक्रिया के लिए संबंधित क्षेत्राधिकार में जाना होगा।
क्या है बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का उद्देश्य?
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का उद्देश्य जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। यह कदम जीएसटी रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी और गलत जानकारी देने के मामलों को रोकने के लिए उठाया गया है। गृह राज्य में प्रमोटर और निदेशक को यह प्रक्रिया करने की सुविधा मिलने से उन्हें समय की बचत होगी और वे बिना अतिरिक्त यात्रा किए अपने रजिस्ट्रेशन कार्यों को निपटा सकेंगे।