ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को नई गति, नेशनल हाईवे की सड़कों पर भी चलेगा विशेष स्वच्छता अभियान

इंदौर शहर की स्वच्छता की परंपरा को अब ग्रामीण इलाकों तक विस्तार दिया जा रहा है। जिला पंचायत और ग्राम पंचायतों के संयुक्त प्रयासों से शहर से लगे गांवों और शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर सफाई अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। उद्देश्य है कि ग्रामीण इलाकों में भी स्वच्छता का वही स्तर बनाए रखा जाए, जिसके लिए इंदौर शहर जाना जाता है।

कलेक्टर ने किया निरीक्षण, दिए सख्त निर्देश

कलेक्टर शिवम वर्मा ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे स्वच्छता अभियान का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों और जिले की प्रमुख सड़कों पर सफाई व्यवस्था उच्च स्तर की होनी चाहिए। कहीं भी कचरा या गंदगी दिखने पर तुरंत सफाई और निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि स्वच्छता का मानक कायम रहे।

अरविंदो क्षेत्र से धरमपुरी तक किया निरीक्षण

निरीक्षण अभियान की शुरुआत अरविंदो अस्पताल क्षेत्र से की गई, जिसके बाद कलेक्टर ने शहर में प्रवेश करने वाले मार्गों और मार्ग में आने वाले गांवों का दौरा किया। उन्होंने अभियान की प्रगति का जायजा लेते हुए धरमपुरी तक सफाई व्यवस्था की समीक्षा की।

भांग्या सेग्रीगेशन केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश

निरीक्षण के दौरान ग्राम भांग्या में बने कचरा सेग्रीगेशन केंद्र का भी अवलोकन किया गया। व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने पर कलेक्टर ने असंतोष जताते हुए कहा कि केंद्र की कार्यप्रणाली में तुरंत सुधार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्र में ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे कचरे को श्रेणियों में विभाजित कर उसका विक्रय किया जा सके, ताकि पंचायत की राजस्व आय में वृद्धि हो।

अन्य पंचायतों को भी मिले लाभ

कलेक्टर ने कहा कि भांग्या केंद्र से मगरखेड़ा और बारौली पंचायतों को भी सीधा लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि सेग्रीगेशन और निस्तारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीण स्वच्छता प्रशासन की प्राथमिकता

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि ग्रामीण स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना जिला प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता को स्थायी रूप से बनाए रखने के लिए निरंतर और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि इंदौर के गांव भी स्वच्छता के क्षेत्र में शहर की तरह मिसाल बन सकें।