मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने कार्य करने के अलग अंदाज और सादगी के लिए लगातार चर्चा में बने रहते हैं। इसी क्रम में अशोकनगर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री का एक अनूठा रूप देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने अपने निर्धारित कार्यक्रम से हटकर अचानक तहसील कार्यालय में चल रही जनसुनवाई में पहुंचकर सभी को चौंका दिया। वहां मौजूद ग्रामीण और अधिकारी उस वक्त दंग रह गए जब प्रदेश के मुखिया बिना किसी तामझाम के उनके बीच पहुंच गए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वहां वीआईपी कल्चर से दूर हटकर आम लोगों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने न केवल लोगों के आवेदन लिए बल्कि उनसे सीधा संवाद भी किया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर खुलकर अपनी बात रखी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों से उनकी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं पर चर्चा की।
प्रोटोकॉल तोड़कर जनता के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री
अशोकनगर के ईसागढ़ क्षेत्र में जब मुख्यमंत्री का काफिला गुजर रहा था, तब उन्हें जानकारी मिली कि पास में ही जनसुनवाई का आयोजन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और सीधे जनसुनवाई स्थल की ओर चल दिए। उन्होंने वहां मौजूद पंचायत सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों के साथ बैठकर उनकी बातें सुनीं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान राशन कार्ड, पेंशन योजना और कृषि संबंधी शिकायतों पर विशेष ध्यान दिया।
अधिकारियों को मौके पर दिए सख्त निर्देश
जनसुनवाई में शिकायतों का अंबार देख मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक कसावट के संकेत दिए। उन्होंने मौके पर मौजूद कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का निराकरण समय सीमा के भीतर होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“जनता की सेवा ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी गरीब को अपने हक के लिए भटकना न पड़े।” — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना सादगी भरा अंदाज
मुख्यमंत्री के इस औचक निरीक्षण और जमीन पर बैठकर जनता की समस्याएं सुनने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। फेसबुक और X (Twitter) जैसे प्लेटफॉर्म पर लोग मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कदमों से न केवल प्रशासन पर दबाव बढ़ता है, बल्कि जनता का सरकार पर भरोसा भी मजबूत होता है।
पुरानी घटनाओं का संदर्भ
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस तरह का औचक निरीक्षण किया हो। इससे पहले भी उज्जैन और भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों में वे अचानक विकास कार्यों का जायजा लेने पहुंच चुके हैं। पूर्व में भी उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि वे केवल कार्यालयों में बैठकर रिपोर्ट न तैयार करें, बल्कि फील्ड में जाकर जनता की समस्याओं का समाधान करें।
विकास कार्यों की भी की समीक्षा
जनसुनवाई के बाद मुख्यमंत्री ने जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अशोकनगर जिले के विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री को क्षेत्र की प्रमुख मांगों से अवगत कराया, जिस पर उन्होंने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।