इंदौर: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय बजट 2026-27 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को साकार करने वाला बताया है। गुरुवार को इंदौर में विषय विशेषज्ञों के साथ बजट पर संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं और महिलाओं (GYAN) पर केंद्रित है और देश के विकास को नई गति देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने, आम लोगों की उम्मीदों को पूरा करने और ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने इस प्रगतिशील बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया।
बजट पर विशेषज्ञों से संवाद
इंदौर के डेली कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चार्टर्ड अकाउंटेंट, अर्थशास्त्रियों, पेशेवरों और डॉक्टरों के साथ बजट के सजीव प्रसारण को देखा और उसके प्रावधानों पर विश्लेषण किया। डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का सुझाव था कि बजट की समझ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए हर जिले में इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मौजूद सभी विशेषज्ञों ने बजट की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है।
“यह बजट आने वाले समय में भारत को विश्व की सर्वोच्च अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प दिखाता है। प्रधानमंत्री मोदी आर्थिक तरक्की के रास्ते निकालना जानते हैं, जिसका यह बजट एक जीवंत उदाहरण है।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश को क्या मिलेगा?
मुख्यमंत्री ने उन प्रावधानों पर विशेष जोर दिया जिनसे मध्य प्रदेश को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास के लिए 5 वर्षों में 5000 करोड़ रुपए खर्च करने, छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित करने और जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की योजना से प्रदेश को बहुत फायदा होगा।
उन्होंने बताया कि पीएम मित्र पार्क के रूप में टेक्सटाइल क्षेत्र में मिली बड़ी सौगात से मालवा-निमाड़ अंचल विकास की नई उड़ान भरेगा। इससे लगभग तीन लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और 6 लाख किसानों को लाभ होगा। इसके अलावा नेशनल हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम से भी प्रदेश के बुनकरों को प्रोत्साहन मिलेगा।
पर्यटन और अधोसंरचना को मिलेगी गति
डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन स्थलों पर गाइड की नियुक्ति और पुरातात्विक महत्व के स्थलों को पर्यटन के लिए खोलने के निर्णय से रोजगार के नए अवसर बनेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार हेलीकॉप्टर सेवा को प्रोत्साहन दे रही है और केंद्र की सी-प्लेन योजना से पर्यटन सुविधाओं का और विस्तार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के लिए 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपए के अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिसका लाभ मध्य प्रदेश को भी मिलेगा। साथ ही, रेयर अर्थ कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से राज्य में अधोसंरचना विकास को और मजबूती मिलेगी।
इस कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और विधायक मालिनी गौड़ सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।