स्वतंत्र समय, भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ( CM Mohan Yadav ) ने बैठक के दौरान कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए शतप्रतिशत बसाहटों को सडक़ों से जोडऩे के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई करें। सभी जिलों में सडक़ों की आवश्यकता का वैज्ञानिक आधार पर सर्वे कर कार्ययोजना बनाई जाए। सडक़ों की आवश्यकता के संबंध में विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों का अभिमत जरूर लिया जाए। राज्य सरकार अगले तीन वर्ष में सभी बसाहटों को सडक़ों से जोडऩे के लिए प्रतिबद्ध है।
CM Mohan Yadav बोले- सड़कों का कार्य प्राथमिकता से करें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ( CM Mohan Yadav ) ने यह बात बुधवार को सीएम हाउस में स्थित समत्व भवन में मप्र ग्रामीण सडक़ विकास प्राधिकरण की बैठक में समीक्षा के दौरान कहीं। सीएम ने कहा कि अतिवृष्टि, बाढ़ तथा अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और उनके उन्नयन की आवश्यकता के प्रति सतर्क रहते हुए तत्परतापूर्वक कार्यवाही की जाए। सडक़ों के रखरखाव और नियमित निरीक्षण में मोबाइल ऐप, जियो टैगिंग तथा एआई टेक्नॉलोजी का उपयोग कर इसे अधिक प्रभावी बनाया जाए। सडक़ों पर वर्तमान यातायात का सर्वे कर उन्नयन और लेन विस्तारीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
पीएम जनमन योजना में बनी पहली सडक़
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत पांडाटोला से बीजाटोला तक देश की पहली सडक़ का निर्माण बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र में किया गया है। सडक़ों के संधारण और उन्नयन के लिए भारत सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में प्रदेश, देश में प्रथम रहा है। मप्र में मार्गों के संधारण के लिए वर्ष 2015-16 से लागू ई-मार्ग पोर्टल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई तथा केन्द्र सरकार द्वारा इसे सम्पूर्ण देश में नेशनल ई-मार्ग के रूप में लागू किया गया है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, एसीएस डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
26 हजार से ज्यादा बसाहटें सडक़ से जुड़ेेंगी
प्रदेश की 89 हजार बसाहटों में से 50 हजार 658 बसाहटों तक रोड़ कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर ली गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना-4 के अंतर्गत बनने वाली 11 हजार 544 बसाहटों के लिए सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष 26 हजार 798 बसाहटों की कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार द्वारा पहल की जा रही है। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि सामान्य संधारण कार्यों का प्राक्कलन तैयार करने और तकनीकी प्रशासकीय स्वीकृति आदि की ऑनलाइन व्यवस्था सम्वेग पोर्टल के माध्यम से की जा रही है।