जमीन पर बैठकर कथा सुनी सीएम मोहन यादव ने

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर जिले की सांवेर तहसील स्थित चित्तौड़ा गांव पहुंचे, जहां परम पूज्य श्री कमल किशोर नागर द्वारा आयोजित भागवत कथा में उन्होंने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सत्संग मन को भरने और मानसिक शांति पाने का सर्वोत्तम मार्ग है।

“भक्ति भाव का दौर और कहीं नहीं, यह हमारे देश में ही संभव है।” — डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री ने गंगा जी के दर्शन और महाराज के प्रवचनों को समाज के लिए वर्तमान समय में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ते हैं।

गौमाता संरक्षण पर बल

अपने संबोधन में डॉ. यादव ने श्री कमल किशोर नागर द्वारा गौमाता की वकालत और संरक्षण कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि हजारों गौशालाएं शुरू कर समाज को सद्कर्म के लिए प्रेरित किया गया है। महाराज ने 33 करोड़ देवी-देवताओं के दर्शन कराए और गायों की चिंता को प्राथमिकता दी है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मध्यप्रदेश में गौशालाओं के निर्माण को ‘मप्र मॉडल’ के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर घर में गोपाल कृष्ण की गंगा बहाने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

धार्मिक आयोजनों का सामाजिक प्रभाव

डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक शांति देते हैं बल्कि समाज में एकजुटता और संस्कृति के संरक्षण में भी योगदान करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से इन आयोजनों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कथा के समापन पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का आश्वासन दिया।