सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, उज्जैन में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण, जल्द बदल जाएगी शहर की सड़कों की तस्वीर

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी उज्जैन यात्रा के दौरान शहरवासियों को विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी है। सीएम ने नवनिर्मित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का विधिवत लोकार्पण किया, जो शहर की खेल प्रतिभाओं के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उज्जैन के विकास का रोडमैप भी साझा किया, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शहर के विकास कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उज्जैन धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी है, इसलिए यहां की व्यवस्थाएं भी उसी स्तर की होनी चाहिए।

खेल सुविधाओं में होगा विस्तार

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका देगा। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर जिले में बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध हों। उज्जैन के इस कॉम्प्लेक्स में इंडोर और आउटडोर खेलों के लिए आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी करने में मदद मिलेगी।

“खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन और टीम भावना भी सिखाता है। हमारी सरकार खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री

2026 तक पूरा करना होगा रोडमैप

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक में शहर की सड़कों और यातायात व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी समय में उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ेगी। इसे ध्यान में रखते हुए 2026 तक शहर के प्रमुख मार्गों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पूरा कर लिया जाए।

विशेष रूप से 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ के मद्देनजर यह तैयारी अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ किया जाना चाहिए।

यातायात और कनेक्टिविटी पर फोकस

समीक्षा बैठक में शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए नए फ्लाईओवर्स और बाईपास के निर्माण पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे अभी से ही लॉन्ग टर्म प्लानिंग लेकर चलें। 2026 को एक डेडलाइन के रूप में सेट किया गया है ताकि सिंहस्थ से पहले सभी निर्माण कार्य व्यवस्थित रूप से पूरे हो सकें और जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही डॉ. मोहन यादव उज्जैन के विकास को लेकर लगातार सक्रिय हैं। इससे पहले भी उन्होंने कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी थी, जिनका कार्य अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि चल रहे निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।