CM यादव ने दी बड़ी नसीहत: “मृत्युभोज और शादी में फिजूलखर्ची न करें, मैंने खुद बेटे की शादी सामूहिक सम्मेलन में की”

Bhopal News : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर बनने वाले ‘विक्रमादित्य द्वार’ का भूमिपूजन किया और फंदा का नाम बदलकर ‘हरिहर नगर’ करने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को दिखावे और अनावश्यक खर्चों से बचने की बड़ी नसीहत दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोग मृत्युभोज और शादियों में फिजूल पैसा न उड़ाएँ।
फिजूलखर्ची से बचें, जमीन और शिक्षा पर ध्यान दें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि परिवार में किसी की मृत्यु हो जाए तो बड़ा खर्च न करें। उन्होंने कहा, “फालतू कर्जा होता है। बड़ा आदमी करता है तो गरीब जमीन गिरवी रखकर या कर्ज ले लेता है। इसलिए अपनी जमीन बचाकर रखना। ये बुजुर्गों की सौगात है।”
शादी समारोहों में भी अनावश्यक पैसे खर्च करने से मना करते हुए उन्होंने अपील की कि माता-पिता अपने बच्चों की शादियाँ सामूहिक विवाह सम्मेलनों में करें। उन्होंने कहा कि दिखावे से बचें और संकल्प लें कि पैसा बच्चों को पढ़ाने-लिखाने पर खर्च करेंगे।
 मैंने खुद बेटे की शादी सामूहिक सम्मेलन में की
अपनी बात को सिद्ध करने के लिए सीएम डॉ. यादव ने अपना उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने बेटे अभिमन्यु (डॉक्टर) और बहू डॉ. इशिता की शादी हाल ही में 30 नवंबर को उज्जैन के सांवराखेड़ी में हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन में की थी। इस सम्मेलन में वरमाला के दौरान बाबा रामदेव ने मंत्र पढ़े थे।
सीएम ने कहा, “मैंने भी अपने बेटे की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में की। बेटा-बेटी (बहू) दोनों ही डॉक्टर हैं। जिस सम्मेलन में शादी की, वहां गरीब का बेटा-बेटी भी थे। हर वर्ग के बच्चे थे।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र का जिक्र करते हुए कहा कि ये सिर्फ बोलने से नहीं होगा, बल्कि हमें करके दिखाना होगा। उन्होंने भाजपा नेता और प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप का उदाहरण भी दिया, जो हजार करोड़ से ऊपर के व्यक्ति हैं, लेकिन अपने बच्चों की शादी 50-100 लोगों के बीच करते हैं।
 विक्रमादित्य द्वार का भूमिपूजन और फंदा का नया नाम
मुख्यमंत्री ने भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर उज्जैन के विक्रमादित्य द्वार की तर्ज पर ही ‘विक्रमादित्य द्वार’ का भूमिपूजन किया। साथ ही, उन्होंने फंदा का नाम बदलकर हरिहर नगर करने की घोषणा भी की।
 ‘लाड़ली बहनों’ पर राजनीति के लिए कांग्रेस को घेरा
सीएम डॉ. यादव ने ‘लाड़ली बहना योजना’ को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर महीने माता-बहनों को डेढ़ हजार रुपए देकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा रहा है, जो कांग्रेसियों को हजम नहीं होता। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी छोटी सोच रखते हैं और हर चीज में राजनीति करते हैं।
उन्होंने कांग्रेसियों के उस कथित बयान पर आपत्ति जताई कि ‘पैसा मत दो, ये (महिलाएं) शराब पी जाती हैं।’ सीएम ने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि माता-बहनें गंगाजल की तरह पवित्र होती हैं और यह हमारी संस्कृति नहीं है।
मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य, राजा भोज, भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के इतिहास और सम्मान पर भी बात की। उन्होंने सीहोर, विदिशा, रायसेन, भोपाल और नर्मदापुरम को मिलाकर एक मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की योजना पर भी प्रकाश डाला।
यह कार्यक्रम भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे स्थित शासकीय महाराणा प्रताप स्कूल परिसर हरिहर नगर (फंदा) में आयोजित हुआ, जिसमें प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा और अन्य स्थानीय नेता भी मौजूद थे।