Ujjain News : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को उज्जैन प्रवास के दौरान गोलामंडी स्थित प्राचीन बृहस्पति महादेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों के साथ चाय पी और निर्माणाधीन गीता भवन का अवलोकन भी किया।
इससे पहले बुधवार को मुख्यमंत्री ने उज्जैन में पांच दिवसीय महाकाल उत्सव का शुभारंभ किया था। इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं, जिनमें पद्मश्री शंकर महादेवन ने ‘शिवोहम’ की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। महाकाल उत्सव के बाद मुख्यमंत्री रात में उज्जैन में ही रुके थे।
सीएम बोले-यहां से मेरी आस्था जुड़ी
गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी पत्नी सीमा यादव के साथ गोलामंडी स्थित बृहस्पति महादेव मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने लगभग 20 मिनट तक विधि-विधान से पूजन-अभिषेक किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मंदिर से उनकी करीब 40 वर्षों पुरानी आस्था जुड़ी हुई है। छात्र नेता से लेकर मंत्री बनने तक वे हर गुरुवार यहां दर्शन के लिए आते रहे हैं। मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए यह उनका पहला बृहस्पतिवार दर्शन था।
तेजी से किए जा रहे विकास कार्य
पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सूर्य देव और बृहस्पति महादेव का आशीर्वाद मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने आगामी सिंहस्थ महापर्व को ऐतिहासिक बनाने की बात कही और बताया कि सिंहस्थ 2028 को लेकर सभी विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।
लोगों के साथ सीएम ने पी चाय
मंदिर दर्शन के बाद मुख्यमंत्री गोलामंडी से तेलीवाड़ा चौराहे पहुंचे, जहां उन्होंने शहर की एक पुरानी चाय की दुकान पर स्थानीय नागरिकों के साथ चाय पी। इस दौरान उन्होंने आम लोगों से संवाद किया और दुकानदार से भी बातचीत की। जब मुख्यमंत्री ने स्वयं चाय के पैसे दिए तो दुकानदार ने संकोच जताया, जिस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “ये तो लेना ही होंगे।”
गीता भवन का निरीक्षण किया
इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय के समीप निर्माणाधीन गीता भवन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि गीता भवन का निर्माण जी प्लस टू संरचना में किया जा रहा है और इसे अप्रैल 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।