Viral Video : मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में एक बेहद भावुक और मुस्कुरा देने वाला दृश्य देखने को मिला। मंदिर की पारंपरिक मर्यादा और अनुशासन के बीच, मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ का एक ‘दादा-पोते’ वाला स्नेहमयी रूप सामने आया, जिसने वहां मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया पर नन्हें बालक और सीएम का यह वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है।
जब बच्चे की मासूमियत पर मुस्कुराए मुख्यमंत्री
मकर संक्रांति पर गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर परिसर में आए श्रद्धालुओं से मुलाकात कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर भीड़ में मौजूद एक छोटे बच्चे पर पड़ी। मुख्यमंत्री ने उसे अपने पास बुलाया और बड़े ही दुलार से उसके सिर पर हाथ फेरा।
सहज भाव से सीएम योगी ने बच्चे से पूछा— “क्या चाहिए?”
शुरुआत में बच्चा थोड़ा झिझका, लेकिन जब मुख्यमंत्री ने दो-तीन बार अपनत्व के साथ वही सवाल दोहराया, तो बच्चे ने आगे बढ़कर सीधे सीएम के कान में अपनी इच्छा जाहिर कर दी। बच्चा मुख्यमंत्री के कान में फुसफुसाया— “चिप्स चाहिए।”
जैसे ही मुख्यमंत्री को बच्चे की बात समझ आई, वे अपनी हंसी नहीं रोक पाए और खिलखिलाकर हंस पड़े। मुख्यमंत्री का यह बेसाख्ता ठहाका देख वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी, अधिकारी और श्रद्धालु भी अपनी हंसी नहीं रोक सके। इसके तुरंत बाद बच्चे की इच्छा पूरी की गई और उसे चिप्स के पैकेट लाकर दिए गए। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मकर संक्रांति: आस्था और सामाजिक समरसता का पर्व
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार तड़के सुबह चार बजे विधि-विधान के साथ भगवान गोरखनाथ को आस्था की पहली खिचड़ी अर्पित की। इसके बाद उन्होंने प्रदेशवासियों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए मीडिया से बात की।
मुख्यमंत्री ने कहा “मकर संक्रांति भारतीय सनातन परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो आस्था, साधना और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे प्रातः काल भगवान गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित करने का अवसर मिला।”
उन्होंने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में लाखों श्रद्धालु पवित्र नदियों और सरोवरों में स्नान कर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं। गोरखपुर में भी बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिनके लिए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं।