प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली में बदलाव और जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने एक सराहनीय पहल की है। उन्होंने बीती रात शासकीय जनजातीय कन्या आश्रम बघाड़ी में न केवल औचक निरीक्षण किया, बल्कि वहां रात्रि विश्राम भी किया। कलेक्टर के इस कदम का उद्देश्य सुदूर क्षेत्रों में संचालित आश्रमों की व्यवस्थाओं को बारीकी से समझना और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्राओं को दी जा रही मूलभूत सुविधाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने शयन कक्षों की साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। इस दौरान उन्होंने आश्रम प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि छात्राओं के रहने और पढ़ाई में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
जमीन पर बैठकर भोजन और संवाद
इस निरीक्षण का सबसे भावुक और खास पहलू वह रहा जब कलेक्टर श्रीमती सिंह ने वीआईपी कल्चर को दरकिनार कर दिया। भोजन के समय वह सीधे बच्चों के बीच पहुंचीं और उनके साथ जमीन पर बैठकर ही भोजन किया। उन्होंने न केवल छात्राओं के साथ खाना खाया, बल्कि स्वयं भोजन की गुणवत्ता भी परखी। कलेक्टर के इस आत्मीय व्यवहार ने वहां मौजूद छात्राओं और स्टाफ का दिल जीत लिया।
भविष्य के लिए किया प्रोत्साहित
रात्रि विश्राम और भोजन के दौरान कलेक्टर ने छात्राओं से घुल-मिलकर बातें कीं। उन्होंने बच्चों से उनके शौक, खेलकूद में रुचि और भविष्य के लक्ष्यों पर चर्चा की। संवाद इतना सहज था कि छात्राओं ने भी खुलकर अपनी बात रखी और अपना परिचय दिया। कलेक्टर ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें आश्रम में किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
श्रीमती सिंह ने सभी छात्राओं को मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उनके इस दौरे से आश्रम की छात्राओं में उत्साह का माहौल देखा गया, वहीं प्रशासन के लिए यह दौरा एक नजीर बन गया है कि व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए जमीनी स्तर पर जुड़ना कितना आवश्यक है।