कलेक्टर के RSS कार्यालय जाने पर गरमाई प्रदेश की राजनीति, जीतू पटवारी ने प्रशासनिक निष्पक्षता पर उठाए सवाल

इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के आरएसएस कार्यालय जाने को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कड़ी और विवादित टिप्पणी करते हुए प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। शुक्रवार 9 जनवरी को इंदौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।

प्रशासनिक निष्पक्षता पर उठाए सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों से निष्पक्षता की उम्मीद की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर निजी कार्य के बहाने भाजपा के राजनीतिक कार्यालय और संघ कार्यालय पहुंचे। पटवारी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को राजनीतिक या वैचारिक संगठनों के कार्यालयों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कलेक्टर के इस कदम को लेकर कांग्रेस हर स्तर पर शिकायत दर्ज कराएगी।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लेकर दी चेतावनी

पटवारी ने संयमित लहजे में लेकिन कड़े शब्दों में कहा कि यदि प्रशासनिक अधिकारी इस तरह की गतिविधियों में शामिल होंगे तो कांग्रेस का कार्यकर्ता सब देख रहा है और चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि सही समय आने पर कांग्रेस जवाब देगी और प्रशासन को उसकी जिम्मेदारी का एहसास कराया जाएगा।

भागीरथपुरा मामले से जुड़ी है बैठक

दरअसल, 7 जनवरी को भागीरथपुरा क्षेत्र में बनी स्थिति को लेकर सरकार और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल के उद्देश्य से आरएसएस कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में संघ के मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन के साथ कलेक्टर और महापौर भी मौजूद थे। इसे एक अनौपचारिक बैठक बताया गया, लेकिन कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए कलेक्टर की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए।

11 जनवरी की न्याय यात्रा का आह्वान

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने 11 जनवरी को प्रस्तावित न्याय यात्रा को लेकर भी अपील की। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि आम जनता से जुड़ा विषय है। उन्होंने सभी नागरिकों से इंदौरियत दिखाने और इस यात्रा में शामिल होने का आग्रह किया। हालांकि, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इस कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

नगर निगम के खर्चों पर गंभीर आरोप

पटवारी ने नगर निगम के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में नगर निगम का बजट करीब 56 हजार करोड़ रुपये रहा, जिसमें से लगभग 3700 करोड़ रुपये जल और सीवरेज व्यवस्था पर खर्च किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के महापौर बनने के बाद अब तक करीब एक लाख करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जिनसे एक नया शहर बसाया जा सकता था। उनके अनुसार, यह स्थिति व्यापक भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।

महापौर को बताया असफल

महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर निशाना साधते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर को पढ़ा-लिखा महापौर मिला था, लेकिन वे देश के सबसे असफल महापौर साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की एमआईसी मेंबर ठेकेदारी में उलझे हुए हैं और शहर में भ्रष्टाचार का माहौल बना हुआ है।

कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

इस प्रेस वार्ता में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इनमें मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी उषा नायडू, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा प्रमुख रूप से शामिल थे। कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्षता की मांग की।