रतलाम में कांग्रेस का ‘घंटा बजाओ’ प्रदर्शन: मंत्री काश्यप के घर घेराव से पहले पुलिस ने रोका

Ratlam News : इंदौर में दूषित पानी पीने से 17 से अधिक लोगों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे को लेकर रतलाम में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने इसे ‘जल त्रासदी’ करार देते हुए सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की और सड़कों पर उतरकर ‘घंटा बजाओ’ आंदोलन किया।

प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के मंत्री चैतन्य काश्यप के निवास का घेराव करना था। हालाकि, पुलिस ने घेराव से पहले ही कार्यकर्ताओं को रोक लिया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

शहीद चौक से शुरू हुआ विरोध

मंगलवार दोपहर कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शहीद चौक पर एकत्रित हुए। उनके हाथों में काले गुब्बारे, तख्तियां और घंटियां थी। कार्यकर्ताओं ने ‘साफ पानी दो’ और ‘सरकार मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए दूषित जल से जान गंवाने वाले मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि सरकार कुंभकर्णी नींद में सो रही है, इसलिए उसे जगाने के लिए वे घंटा बजा रहे हैं।

पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक और झूमाझटकी

श्रद्धांजलि सभा के बाद कार्यकर्ता मंत्री चैतन्य काश्यप के स्टेशन रोड स्थित निवास की ओर पैदल मार्च करते हुए आगे बढ़े। जुलूस शहीद चौक से शहर सराय होते हुए लोकेंद्र टॉकीज चौराहे पर पहुंचा। पुलिस ने यहां पहले से ही बैरिकेड्स लगाकर रास्ता रोक रखा था।

जब कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, तो पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हुई। इस दौरान जमकर झूमाझटकी देखने को मिली। पुलिस की नाकाबंदी से बचने के लिए कुछ कार्यकर्ता छिपते हुए न्यू रोड की तरफ भागे, लेकिन पुलिस ने उनका पीछा कर उन्हें पकड़ लिया।

हिरासत के दौरान बिगड़ी महिला कार्यकर्ता की तबीयत

प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बलप्रयोग करते हुए कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। उन्हें पुलिस वाहनों में भरकर बिलपांक की ओर भेजा गया। इस अफरातफरी और पुलिस कार्रवाई के बीच एक महिला कांग्रेस कार्यकर्ता बेहोश हो गईं। साथी कार्यकर्ताओं ने उन्हें संभाला और पानी पिलाया, जिसके बाद उनकी स्थिति सामान्य हुई।

सरकार पर लापरवाही का आरोप

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इंदौर जैसी दुखद घटना के बावजूद सरकार जिम्मेदारी लेने से बच रही है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और आम जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता, उनका विरोध जारी रहेगा।