भागीरथपुरा में दूषित पानी से 50 से ज्यादा मौतों का दावा! राहुल गांधी ने VIDEO जारी कर बताया पीड़ितों का दर्द

Indore News : मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण हुई मौतों का मामला अब एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद में बदल गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को अपने यूट्यूब चैनल पर पीड़ितों के साथ बातचीत का एक वीडियो साझा किया, जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

50 से अधिक मौतों का दावा और साक्ष्य मिटाने के आरोप
वीडियो में एक स्थानीय कार्यकर्ता ने चौंकाने वाला दावा किया कि दूषित पानी पीने से अब तक 50 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। पीड़ितों के परिजनों ने प्रशासन पर मौतों के आंकड़े छिपाने का सीधा आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि स्थिति की गंभीरता को कम दिखाने के लिए कई शवों को रातों-रात उनके पैतृक गांवों भेज दिया गया। सबसे गंभीर आरोप यह है कि मामले को दबाने के लिए श्मशान घाट के रिकॉर्ड तक गायब कर दिए गए हैं
प्रशासनिक लापरवाही और ‘डेथ ऑडिट’ पर विवाद
शुरुआत में प्रशासन ने केवल 4 मौतों की पुष्टि की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 6 किया गया। हालांकि, हाईकोर्ट की सख्ती और ‘डेथ ऑडिट’ रिपोर्ट मांगने के बाद सरकार ने स्वीकार किया कि 21 मौतें हुई हैं, जिनमें से 15 का कारण दूषित पानी था। लेकिन स्थानीय निवासियों और राहुल गांधी के वीडियो में सामने आए तथ्यों के अनुसार, यह संख्या 24 से भी अधिक है।

मुख्य बिंदु:
  • समस्या की शुरुआत: निवासियों के अनुसार, 22 दिसंबर से पानी की गुणवत्ता बिगड़ी थी।
  • भ्रष्टाचार के आरोप: नर्मदा लाइन कनेक्शन के लिए पैसे लेने के बावजूद दूषित आपूर्ति की गई।
  • जवाबदेही का अभाव: पीड़ितों का कहना है कि नगर निगम आयुक्त का तबादला कर उन्हें जिम्मेदारी से बचा लिया गया।
राहुल गांधी का आश्वासन
राहुल गांधी ने शनिवार को व्यक्तिगत रूप से भागीरथपुरा पहुंचकर शोकाकुल परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ढीली प्रतिक्रिया और अपर्याप्त मुआवजा पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
राहुल ने संकल्प लिया कि इस लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े। यह मामला अब केवल एक जल संकट नहीं, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और मानवीय अधिकारों की लड़ाई बन चुका है।