इंदौर शहर में दूषित पानी की समस्या लगातार गंभीर रूप लेती जा रही है। भागीरथपुरा इलाके में जहरीला पानी पीने से लोगों की मौतों ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हालात का जायजा लेने के लिए अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जाकर पानी का ऑडिट किया। भूरी टेकरी पहुंचने पर जब उन्होंने वहां के हालात देखे, तो वे खुद को संभाल नहीं पाए और भावुक हो गए।
भूरी टेकरी में हालात बद से बदतर
भूरी टेकरी क्षेत्र में हालात इतने भयावह हैं कि गलियों में कीचड़ और गंदगी के बीच चलना भी मुश्किल हो गया है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता तो दूर, लोग मजबूरी में दूषित पानी पीने को विवश हैं। स्थानीय नागरिकों ने जब अपनी समस्याएं नेता प्रतिपक्ष के सामने रखीं और उन्हें पूरे इलाके की स्थिति दिखाई, तो उनकी आंखों से आंसू छलक आए। उन्होंने कहा कि यह हालात किसी भी सभ्य शहर के लिए शर्मनाक हैं।
दूषित पानी से मौतों पर जारी विवाद
भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से अब तक 20 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में सिर्फ चार मौतों को ही आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बयान देते हुए कहा कि सरकार आंकड़ों के विवाद में नहीं पड़ेगी और जिन परिवारों ने पंजीयन कराया है, उन्हें हरसंभव राहत दी जाएगी।
मुआवजा सूची में जोड़े गए नए नाम
प्रशासन की ओर से अब तक 18 मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। बुधवार को जारी की गई नई सूची में रामकली और श्रवण के नाम भी शामिल किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भले ही आधिकारिक आंकड़ों में कम मौतें मानी जा रही हों, लेकिन जहां-जहां संदिग्ध मौतों की सूचना मिल रही है, वहां जांच कर पीड़ित परिवारों को सहायता दी जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर निगरानी और सुधार के प्रयास
स्थिति को काबू में करने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम लगातार सक्रिय हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। सीवरेज लाइन और नर्मदा जलप्रदाय से जुड़ी पाइपलाइनों में हुए लीकेज को दुरुस्त किया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है और नागरिकों से अपील की गई है कि पानी को उबालकर और छानकर ही उपयोग करें। इसके साथ ही नर्मदा जल की नियमित जांच भी की जा रही है, ताकि हालात जल्द से जल्द सामान्य हो सकें।