इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) ने स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षा समय-सारिणी में बदलाव किया है। विश्वविद्यालय के अनुसार 12 अप्रैल को प्रस्तावित परीक्षा तिथि को संशोधित किया गया है, ताकि CUET PG देने वाले छात्रों को एक ही दिन दो परीक्षाओं की स्थिति का सामना न करना पड़े। इस फैसले को छात्र हित में तत्काल प्रशासनिक राहत माना जा रहा है।
परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव का मुद्दा तब सामने आया, जब बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने बताया कि UG फाइनल ईयर के कुछ पेपर और CUET PG की परीक्षा तिथियां एक-दूसरे से टकरा रही हैं। ऐसे छात्र, जो स्नातक की अंतिम परीक्षाओं के साथ-साथ पोस्टग्रेजुएट प्रवेश के लिए भी तैयारी कर रहे हैं, वे तिथि टकराव के कारण असमंजस में थे। इसी को देखते हुए विश्वविद्यालय ने 12 अप्रैल वाले शेड्यूल में संशोधन किया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परीक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखते हुए उन छात्रों को अवसर देना जरूरी है, जो राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा में भी शामिल हो रहे हैं। इसी कारण संबंधित पेपर की नई तिथि तय कर संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। छात्रों से कहा गया है कि वे पुराने एडमिट कार्ड या पूर्व समय-सारिणी पर निर्भर रहने के बजाय अपडेटेड डेटशीट को प्राथमिक आधार मानें।
क्यों जरूरी था यह बदलाव
CUET PG अब देशभर में पीजी प्रवेश का प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में अंतिम वर्ष के छात्र एक तरफ नियमित विश्वविद्यालय परीक्षा देते हैं और दूसरी तरफ प्रवेश परीक्षा की तैयारी भी करते हैं। DAVV के परीक्षा कार्यक्रम में 12 अप्रैल की तिथि पर बना ओवरलैप कई छात्रों के लिए व्यावहारिक समस्या बन रहा था। यदि बदलाव नहीं होता, तो प्रभावित विद्यार्थियों को किसी एक परीक्षा से समझौता करना पड़ सकता था।
शैक्षणिक कैलेंडर और परीक्षा अनुशासन बनाए रखना विश्वविद्यालयों के लिए प्राथमिकता होती है, लेकिन जब राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा से तिथि टकराव सामने आता है, तब समय पर सुधार जरूरी हो जाता है। इस मामले में भी DAVV ने वही कदम उठाया और तिथि बदलकर दबाव कम किया। इससे उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जो एक ही सत्र में स्नातक समापन और पीजी प्रवेश दोनों प्रक्रियाओं में सक्रिय हैं।
छात्रों के लिए क्या निर्देश
विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे संशोधित परीक्षा कार्यक्रम को ध्यान से देखें और उसी के अनुसार अपनी तैयारी तथा उपस्थिति सुनिश्चित करें। परीक्षा केंद्र, समय और विषय से जुड़ी जानकारी को भी नई डेटशीट से मिलान करना जरूरी बताया गया है। किसी भी भ्रम की स्थिति में संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना को अंतिम माना जाएगा।
परीक्षा शाखा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि तिथि परिवर्तन का उद्देश्य केवल प्रभावित छात्रों को अवसर देना है, न कि पूरे परीक्षा ढांचे को बदलना। इसलिए बाकी पेपर सामान्य कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किए जाएंगे। जिन छात्रों का पेपर 12 अप्रैल से प्रभावित हुआ है, उन्हें नई तिथि के अनुसार उपस्थित होना होगा।
प्रशासनिक प्रभाव और आगे की स्थिति
इस तरह के संशोधन से परीक्षा प्रबंधन पर अतिरिक्त दबाव आता है, क्योंकि केंद्र आवंटन, प्रश्नपत्र गोपनीयता, उपस्थिति योजना और मूल्यांकन शेड्यूल को फिर से समन्वित करना पड़ता है। फिर भी विश्वविद्यालयों के लिए छात्र हित और अवसर की समानता महत्वपूर्ण मानदंड हैं। DAVV का यह निर्णय इसी संतुलन का उदाहरण है, जहां शैक्षणिक प्रक्रिया को बाधित किए बिना समय-सारिणी में जरूरी सुधार किया गया।
इंदौर और आसपास के संबद्ध कॉलेजों में पढ़ने वाले तृतीय वर्ष के छात्रों के लिए यह अपडेट अहम है। विशेषकर वे विद्यार्थी, जो आगे पीजी प्रवेश की तैयारी में लगे हैं, अब परीक्षा टकराव की चिंता के बिना अपने दोनों लक्ष्य पर ध्यान दे सकेंगे। फिलहाल मुख्य बात यही है कि सभी अभ्यर्थी आधिकारिक संशोधित टाइम टेबल के आधार पर ही परीक्षा की योजना बनाएं।