Delhi के सिंघासन पर किसकी होगी ताजपोशी


लेखक
विनोद कुमार सिंह

देश की राजधानी में विगत दिनों दिल्ली ( Delhi ) विधान सभा 5 फरवरी को सम्पन्न होने के शाथ चुनावी समर का शोरगुल शांत हो गया है, लेकिन राजनीतिक दलों के नेता,कार्यकर्ता व समर्थक के मध्य चिन्ता,चिन्तन व चर्चा का दौर जारी है कि दिल्ली के सिंघासन पर किसकी होगी ताजपोशी।

Delhi में बीजेपी की ताजपोशी

आप, भाजपा या कांग्रेस ? दिल्ली ( Delhi ) में आम आदमी पार्टी की सत्ता बचा पायेगी या भाजपा अपने 27 बर्षो के वनवास को समाप्त करेगी या काँग्रेस जीत का स्वाद चखकर अपने पार्टी व कार्यकर्त्ताओं को संजीवनी दे सकेगी सर्व विदित रहे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के 70 सीटों पर 5 फरवरी को चुनाव हुए।चुनाव समाप्त होते ही टी वी चैनल खास कर खबरिया चैनल की एंकरो ने एग्जिट पल के बोतल मे बन्द जीन खोल कर अपनी आकाओं वाली पाटियों के गुनगान करने लगे जैसे इन्हीं टीवी न्युज एंकरो नें सरकार बनाने लगी।एग्जिट पोल के नतीजों में ज्यादातर पोल्स ने भाजपा(क्चछ्वक्क) की सरकार बना दी है।आम आदमी पार्टी (्र्रक्क) अपनी हैट्रिक जीत से चूकती हुई नजर आ रही है।हालांकि कुछ एग्जिट पोल (श्व&द्बह्ल क्कशद्यद्य) आम आदमी पार्टी की वापसी का अनुमान लगा रहे हैं और कुछ टक्कर का मुकाबला बता रहे हैं।आप को याद होगा कि वर्ष 2020 के दिल्ली चुनावों में अधिकांश एग्जिट पोल की भविष्यवाणियां गलत साबित हुई थी।वही हाल ही में सम्पन्न हुए हरियाणा विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनावों में भी एग्जिट पोल गलत साबित हुए।जहाँ तक मतदान के प्रतिशत का सवाल है।
तो मै स्पष्ट कर दूँ कि चुनाव आयोग के अधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इ दिल्ली में इस बार 60.40 फीसदी मत पड़े है वही 2020 के विधान सभा चुनाव में यह आंकड़ा 62.55 फीसदी था।इन आकंड़ से साफ है कि दिल्ली में पिछली बार के मुकाबले इस साल 2.15 फीसदी कम वोट पड़े हैं।अगर 2013, 2015 विधानसभा चुनाव के भी आंकड़ो को देखें तो इस बार सबसे कम वोटिंग हुई है। इसका मतलब है कि 2013 के बाद से सबसे कम वोटिंग इस साल (2025) के चुनाव में हुई है।आप को याद दिलाना चाहूंगा कि आम आदमी पार्टी का उदय 2013 में हुआ था व आप ने पहली बार चुनाव 2013 में ही लड़ा।उस वक्त चुनाव में 2008 की तुलना में करीब 8 फीसदी वोटिंग ज्यादा हुई थी।इसके कारण से कांग्रेस हारी थी और आप को फायदा हुआ था।जिसके परिणाम स्वरूप विधानसभा त्रिशंकु था।चुनाव के बाद कांग्रेस और आप ने मिलकर सरकार बनाई थी मगर यह सरकार ज्यादा दिन तक नहीं टिक सकी। 2015 के किसी भी एग्जिट पोल ने आप को 60 सीटों का आंकड़ा पार करते नहीं दिखाया था और हाँ उस वक्त केवल एक ही भविष्यवाणी की गई थी कि पार्टी 50 से ज़्यादा सीटें जीतेगी। एक्सिस माई इंडिया सर्वे ने आप के लिए 53 सीटों का अनुमान लगाया था और यह वास्तविक नतीजों के सबसे करीब था।
पुन: 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आठ एग्जिट पोल ने 54 सीटों के साथ आप की शानदार जीत की भविष्यवाणी की थी, भाजपा को 15 सीटों पर और कांग्रेस को लगभग शून्य पर रखा था। एग्जिट पोल की सटीकता पहले की तुलना में काफी बेहतर साबित हुई थी।
क्योंकि आप ने 62 सीटों और वीजेपी ने 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी।वहीं कांग्रेस ने तो अपना खाता भी खोल पाया था।जहाँ तक दिल्ली में सता के सिंघासन पर ताजपोशी का सवाल है तो इसका फैसला तो दिल्ली की जागरूकता जनता ने अपना फैसला मतपेटियों में डालकर वह निशचिन्त हो गई। असली तस्वीर तो 8 फरवरी को मतगना वाले दिन ही होगे जिसके लिए अभी इंतजार करना होगा कि दिल्ली की सत्ता के सिंघासन पर ताजपोशी किसकी होगी।