IRCTC घोटाला : दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, तेजस्वी की अर्जी पर CBI से जवाब तलब

IRCTC घोटाले से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने तेजस्वी यादव की याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। तेजस्वी यादव ने राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने न सिर्फ याचिका पर, बल्कि मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाने संबंधी अर्जी पर भी CBI से जवाब मांगा है।

14 जनवरी 2026 को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 जनवरी 2026 की तारीख तय की है। संयोग से इसी दिन तेजस्वी यादव के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की ओर से दाखिल की गई इसी तरह की याचिका पर भी सुनवाई होनी है। इससे पहले कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव की याचिका पर भी CBI को नोटिस जारी किया था, हालांकि उस दौरान कोर्ट ने निचली अदालत की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

निचली अदालत के आदेश को दी गई चुनौती

तेजस्वी यादव ने निचली अदालत द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। यह मामला रेलवे के होटलों के रखरखाव और संचालन से जुड़े ठेके देने में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। आरोप है कि इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

18 अक्टूबर 2025 को तय हुए थे आरोप

इससे पहले 18 अक्टूबर 2025 को राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और पुत्र तेजस्वी यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए थे। अदालत ने माना था कि प्रथम दृष्टया आरोपों पर मुकदमा चलाने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं।

2004 से 2014 के बीच कथित साजिश का आरोप

CBI की चार्जशीट के अनुसार, वर्ष 2004 से 2014 के बीच एक सुनियोजित साजिश के तहत पुरी और रांची स्थित रेलवे (BNR) होटलों को पहले IRCTC को सौंपा गया और बाद में टेंडर नियमों में कथित बदलाव कर इन्हें पटना स्थित सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को लीज पर दे दिया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर में हेरफेर किया गया।

किन-किन लोगों पर लगे हैं आरोप

अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी, विजय कोचर, विनय कोचर, सरला गुप्ता और प्रेम चंद गुप्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी के आरोप तय करने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा, लालू यादव के साथ-साथ प्रदीप कुमार गोयल, राकेश सक्सेना, भूपेंद्र कुमार अग्रवाल, राकेश कुमार गोगिया और विनोद कुमार अस्थाना पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं।