Water Pollution: यमुना में अमोनिया 3.0 PPM के पार, दिल्ली के 30% इलाकों में गहराया जल संकट

Delhi News: राजधानी दिल्ली एक बार फिर बड़े जल संकट का सामना कर रही है। यमुना नदी में अमोनिया का स्तर बढ़कर 3.0 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) से अधिक हो गया है, जो सामान्य सीमा से कई गुना ज्यादा है।
इस ज़हरीले प्रदूषण के कारण दिल्ली जल बोर्ड (DJB) को अपने दो सबसे महत्वपूर्ण जल शोधन संयंत्रों—वजीराबाद और चंद्रावल—से उत्पादन में 25 से 50 प्रतिशत तक की कटौती करनी पड़ी है।
इस कटौती का सीधा असर राजधानी की एक बड़ी आबादी पर पड़ रहा है और कई इलाकों में पेयजल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
राजधानी के इन इलाकों में पानी की किल्लत
जल शोधन संयंत्रों की क्षमता घटने का असर दिल्ली के करीब 30 प्रतिशत हिस्से पर पड़ा है। नई दिल्ली, मध्य दिल्ली के कई इलाके, उत्तरी और पूर्वी दिल्ली में पानी की आपूर्ति या तो कम दबाव के साथ हो रही है या पूरी तरह से ठप हो गई है।
दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन यह मांग के मुकाबले नाकाफी साबित हो रहा है। कई कॉलोनियों में लोगों को सुबह-शाम मिलने वाले पानी के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
अमोनिया का स्तर बढ़ना इतना खतरनाक क्यों है?
विशेषज्ञों के अनुसार, पीने के पानी के लिए यमुना में अमोनिया का स्तर 0.5 पीपीएम से अधिक नहीं होना चाहिए। जब यह स्तर 3.0 पीपीएम तक पहुंच जाता है, तो सामान्य जल उपचार प्रक्रियाएं इसे साफ करने में अक्षम हो जाती हैं।
पानी को फिल्टर करने के लिए अधिक रसायनों की जरूरत पड़ती है और शोधन की गति भी बहुत धीमी हो जाती है। ऐसे में पानी की गुणवत्ता और उत्पादन, दोनों पर गंभीर असर पड़ता है, जिसके चलते DJB को उत्पादन घटाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
प्रदूषण का स्रोत और हरियाणा की भूमिका
दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों और पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना में अमोनिया बढ़ने का मुख्य कारण हरियाणा से आने वाला औद्योगिक कचरा और बिना ट्रीटमेंट के छोड़ा गया सीवेज है।
औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला रासायनिक कचरा नालों के जरिए सीधे नदी में मिल जाता है। इससे न केवल अमोनिया का स्तर बढ़ता है, बल्कि नदी का प्रवाह भी धीमा हो जाता है, जिससे प्रदूषण एक जगह जमा होकर पानी को और जहरीला बना रहा है।
दिल्ली जल बोर्ड की जनता से अपील
मौजूदा संकट को देखते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने नागरिकों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की है। बोर्ड ने कहा है कि जब तक यमुना में अमोनिया का स्तर सामान्य नहीं हो जाता, तब तक पानी की बर्बादी से बचें।
साथ ही, दिल्ली सरकार इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए हरियाणा सरकार और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।