Delhi News: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार ने दो बड़े मोर्चों पर तैयारी तेज कर दी है। एक तरफ जहाँ दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को अपना नया और अत्याधुनिक मुख्यालय मिलने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली मेट्रो (DMRC) ने धूल के कणों को रोकने के लिए स्टेशनों पर तकनीक का जाल बिछाना शुरू कर दिया है।
रोहिणी में बनेगा डीपीसीसी का अत्याधुनिक मुख्यालय
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की मौजूदगी में एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। अब दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) का अपना अलग और विशाल मुख्यालय होगा। यह मुख्यालय रोहिणी में दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन (DSIIDC) द्वारा विकसित किया जाएगा।
इस परियोजना की कुछ खास बातें निम्नलिखित हैं:
पीपीपी (PPP) मॉडल: इस इमारत का निर्माण सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत होगा।
एकीकृत संचालन: वर्तमान में डीपीसीसी के दफ्तर शास्त्री पार्क और कश्मीरी गेट जैसी अलग-अलग जगहों पर बिखरे हुए हैं। नए मुख्यालय के बनने से सभी विभाग एक ही छत के नीचे आ जाएंगे, जिससे नीतिगत फैसले लेने में तेज़ी आएगी।
तकनीकी निगरानी: मंत्री सिरसा के अनुसार, यह इमारत केवल एक दफ्तर नहीं बल्कि ‘प्रदूषण निगरानी’ का केंद्र होगी, जहाँ से नई तकनीक के जरिए पूरी दिल्ली की हवा पर नज़र रखी जाएगी।
दिल्ली मेट्रो बनेगा प्रदूषण के खिलाफ ‘मॉडल एजेंसी’
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में मेट्रो अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) द्वारा प्रदूषण कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने डीएमआरसी को निर्देश दिया कि वे एक ऐसी मॉडल एजेंसी के रूप में उभरें जिससे अन्य सरकारी विभाग भी प्रेरणा ले सकें।
धूल नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम:
एंटी-स्मॉग गन: मेट्रो परिसरों और एलिवेटेड कॉरिडोर पर धूल को दबाने के लिए 83 एंटी-स्मॉग गन पहले ही तैनात की जा चुकी हैं।
आगामी लक्ष्य: अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया है कि 15 जनवरी तक कुल 100 से अधिक गन लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
प्रमुख स्टेशन: कश्मीरी गेट, समयपुर बादली, आनंद विहार और राजौरी गार्डन जैसे व्यस्त स्टेशनों को इस तकनीक से लैस किया जा रहा है ताकि यात्रियों को स्वच्छ हवा मिल सके।
सरकार की प्राथमिकता: साफ़ हवा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि दिल्लीवासियों को प्रदूषण मुक्त वातावरण देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेट्रो स्टेशनों पर लगाए जा रहे मिस्ट स्प्रे सिस्टम और निर्माण स्थलों पर सख्त निगरानी इसी दिशा में बढ़ते कदम हैं। जानकारों का मानना है कि डीपीसीसी के नए मुख्यालय और मेट्रो के इन तकनीकी प्रयासों से दिल्ली में सर्दियों के दौरान होने वाले गंभीर प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिलेगी।