Indore News: देपालपुर में जमा करीब 1500 टन लिगेसी वेस्ट को पूरी तरह हटाने का अभियान अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सुबह से ही नगर निगम की विशेष टीम, एमआईसी सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देपालपुर में डेरा डाल दिया। मौके पर व्यापारियों से संवाद, डोर-टू-डोर अभियान और ट्रेंचिंग ग्राउंड की सफाई — तीनों मोर्चों पर एक साथ काम हुआ।

इस अवसर पर एमआईसी सदस्य अश्विन शुक्ला, अभिषेक शर्मा, बबलू, मनीष शर्मा, राकेश जैन, अपर आयुक्त प्रखर सिंह समेत स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय पार्षद व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
व्यापारियों से सीधा संवाद — स्वच्छता की जिम्मेदारी सबसे पहले आपकी
महापौर भार्गव ने सब्जी बाजार और दुकानों में जाकर व्यापारियों से बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंदौर नगर निगम ने देपालपुर को गोद लेने के बाद सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाया है, लेकिन नगर निगम की भूमिका सीमित है। असली जिम्मेदारी नागरिकों और व्यापारियों की है।

उन्होंने व्यापारियों से तीन प्रमुख अपीलें कीं — गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करें, सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें और दुकान के सामने साफ-सफाई बनाए रखें। व्यापारियों ने भी माना कि नगर में स्वच्छता पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है।
घर-घर पहुंची महापौर की टीम — नागरिकों ने बताए बदलाव
महापौर और उनकी टीम ने डोर-टू-डोर अभियान चलाकर लोगों से सीधे फीडबैक लिया। नागरिकों ने बताया कि पहले कचरा गाड़ी कभी-कभार आती थी, अब दिन में दो बार नियमित संग्रहण हो रहा है। पार्षद और सफाई कर्मी अब पहले से कहीं अधिक सक्रिय दिखते हैं।

सब्जी विक्रेताओं ने जानकारी दी कि ग्राहक अब प्लास्टिक की जगह अपने थैले लेकर आते हैं। बाजार में गंदगी कम करने को लेकर जागरूकता बढ़ी है। कई दुकानदार दिन में चार बार तक झाड़ू लगाकर अपने क्षेत्र को साफ रख रहे हैं।
60 दिनों का बड़ा असर — 75% लोगों ने छोड़ा प्लास्टिक
पिछले करीब 60 दिनों में इस अभियान ने ठोस नतीजे दिए हैं। आंकड़ों के मुताबिक 75 प्रतिशत नागरिकों ने प्लास्टिक थैलियों का उपयोग बंद कर दिया है। डिस्पोजेबल वस्तुओं का इस्तेमाल भी तेजी से घटा है। गीले-सूखे कचरे को अलग करने की आदत लोगों में तेजी से विकसित हो रही है।

व्यापारी अब ग्राहकों को डस्टबिन में कचरा डालने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यह बदलाव देपालपुर में स्वच्छता क्रांति का स्पष्ट संकेत है।
ट्रेंचिंग ग्राउंड का स्वरूप एक दिन में बदला
देपालपुर के ट्रेंचिंग ग्राउंड की तस्वीर महज एक दिन में बदल गई। कुछ दिन पहले तक यहां कचरे के ढेर लगे थे। अब सफाई के बाद व्यवस्थित स्वरूप देखकर स्थानीय पार्षद भी हैरान रह गए। इस मुहिम में 200 से अधिक सफाई मित्र लगातार जुटे रहे।
एक दिन में बड़े हिस्से का कचरा सैग्रीगेट कर प्रोसेसिंग के लिए इंदौर भेजने की व्यवस्था कर दी गई। इंदौर की तर्ज पर देपालपुर को भी नंबर वन बनाने के संकल्प के साथ महापौर ने यह कदम उठाया।
बाजारों के बोर्ड एक जैसे हों — महापौर का सुझाव
व्यापारियों के साथ आयोजित चौपाल में महापौर ने एक और अहम सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यदि पूरा बाजार एक समान आकार और डिजाइन के बोर्ड लगाए तो क्षेत्र आकर्षक और व्यवस्थित नजर आएगा।
“स्वच्छता तभी सफल होगी जब प्रत्येक नागरिक इसमें सक्रिय भागीदारी निभाए। जब तक समाज बुराइयों का विरोध नहीं करेगा, तब तक अच्छी पहलें सफल नहीं होंगी।” — महापौर पुष्यमित्र भार्गव