धार भोजशाला: सूर्योदय के साथ पूजा शुरू, परिसर में नमाज के लिए अलग स्थान निर्धारित, पुलिस बल तैनात

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में आज सुबह से ही धार्मिक गतिविधियों का दौर जारी है। सूर्योदय के साथ ही यहां हिंदू समुदाय द्वारा पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो गया। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। इसी क्रम में मुस्लिम समाज के लोगों के लिए परिसर के भीतर ही एक अलग स्थान पर नमाज अदा करने की व्यवस्था की गई है।

मौके पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। शहर में शांति और सौहार्द का माहौल सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने पहले से ही आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं। श्रद्धालुओं की कतारें सुबह से ही देखी जा रही हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भोजशाला परिसर और उसके आसपास के इलाकों को सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना गया है। पुलिस के साथ-साथ विशेष सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए भीड़ पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि दोनों समुदायों के लोग अपने-अपने निर्धारित समय और स्थान पर धार्मिक अनुष्ठान शांतिपूर्वक संपन्न करें।

ऐतिहासिक संदर्भ और विवाद

भोजशाला एक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) संरक्षित स्मारक है। यहां हिंदू पक्ष इसे वाग्देवी (मां सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला की मस्जिद बताता है। इसी दावों को लेकर यहां लंबे समय से विवाद चला आ रहा है।

पूर्व के घटनाक्रमों पर नजर डालें तो यहां अक्सर धार्मिक त्योहारों के दौरान तनाव की स्थिति बन जाती थी। एएसआई के पुराने आदेशों के तहत यहां सामान्य दिनों में मंगलवार को हिंदुओं को पूजा और शुक्रवार को मुस्लिमों को नमाज की अनुमति रहती है। वर्तमान आयोजन में प्रशासन ने पुराने अनुभवों को देखते हुए पहले से ही स्पष्ट रूपरेखा तैयार की है ताकि किसी भी प्रकार का टकराव न हो।