धार : भोजशाला में बसंत पंचमी और जुमे का संयोग, सुरक्षा के कड़े पहरे के साथ हाई अलर्ट जारी

धार: ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला परिसर में आगामी 23 जनवरी को आस्था और व्यवस्था के बीच एक बड़ी चुनौती खड़ी होने वाली है। इस वर्ष बसंत पंचमी और शुक्रवार (जुमा) एक ही दिन पड़ रहे हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन ने पूरे जिले को हाई अलर्ट पर रखा है।
सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए धार में 8,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का निर्णय लिया गया है।
प्रशासन की तैयारी और आईजी का दौरा
इंदौर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अनुराग ने मंगलवार को धार का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ बैठक की और सीधे भोजशाला परिसर का निरीक्षण किया।
सुरक्षा योजना के तहत पूरे शहर की निगरानी CCTV कैमरों से की जाएगी और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों की मदद ली जाएगी। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि भ्रामक सूचनाएं न फैलें।
पूजा और नमाज के समय पर खींचतान
11वीं सदी के इस स्मारक पर अधिकार को लेकर हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच पुराना विवाद है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की वर्तमान व्यवस्था के अनुसार:
  • हिंदू पक्ष: मंगलवार को पूजा करने की अनुमति है।
  • मुस्लिम पक्ष: शुक्रवार को नमाज अदा करने की अनुमति है।
23 जनवरी को बसंत पंचमी होने के कारण भोज उत्सव समिति ने सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजा की अनुमति मांगी है। समिति के संरक्षक अशोक जैन का कहना है कि वे किसी भी स्थिति में परिसर खाली नहीं करेंगे। दूसरी ओर, मुस्लिम समुदाय ने एएसआई को ज्ञापन सौंपकर दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच शुक्रवार की नमाज अदा करने की मांग की है।
2016 की घटना ने बढ़ाई चिंता
प्रशासन की चिंता का मुख्य कारण साल 2016 का कड़वा अनुभव है। उस वर्ष भी बसंत पंचमी और जुमा एक साथ पड़े थे, जिसके कारण शहर में भारी विरोध प्रदर्शन और हिंसक झड़पें हुई थीं। उस समय स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।
कानूनी स्थिति और सर्वेक्षण
हिंदू पक्ष इसे देवी सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है। जुलाई 2024 में एएसआई ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में अपनी वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की थी, जिस पर कानूनी प्रक्रिया अभी विचाराधीन है।
धार जिला प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरा शहर सुरक्षा के साये में है और प्रशासन दोनों पक्षों के साथ संवाद कर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है।