Prime Video ने फिल्म ‘इक्कीस’ के एक्सक्लूसिव ग्लोबल स्ट्रीमिंग प्रीमियर की घोषणा की है। यह बायोग्राफिकल वॉर ड्रामा भारत के सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की सच्ची कहानी से प्रेरित है। फिल्म अब भारत और दुनिया भर के 200 से ज्यादा देशों में स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है।
फिल्म का निर्देशन नेशनल अवॉर्ड विजेता निर्देशक श्रीराम राघवन ने किया है। इसमें अगस्त्य नंदा ने युवा अरुण खेत्रपाल (PVC) की भूमिका निभाई है। फिल्म की एक बड़ी खास बात यह है कि दिवंगत धर्मेंद्र इसमें अपनी आखिरी ऑन-स्क्रीन अपीयरेंस में ब्रिगेडियर खेत्रपाल के रोल में नजर आते हैं। उनके साथ जयदीप अहलावत, सिमर भाटिया और राहुल देव भी अहम भूमिकाओं में हैं।
Prime Video पर उपलब्ध, भारत सहित वैश्विक रिलीज
स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Prime Video ने ‘इक्कीस’ को अपने एक्सक्लूसिव ग्लोबल प्रीमियर के तौर पर पेश किया है। फिल्म भारत के अलावा 200 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में उपलब्ध कराई गई है। ओटीटी रिलीज के बाद अब इसे अंतरराष्ट्रीय दर्शक भी देख सकेंगे।
स्रोत में इसे फ्री देखने की बात कही गई है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार फिल्म Prime Video पर स्ट्रीमिंग के लिए जारी की गई है। यानी दर्शक इसे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सेवा के जरिए देख सकते हैं।
अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित वॉर ड्रामा
‘इक्कीस’ की कहानी सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के छोटे लेकिन असाधारण जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है। बसंतर की लड़ाई में उनकी निडर लीडरशिप को भारतीय सैन्य इतिहास में खास जगह मिली। उन्हें महज 21 साल की उम्र में मरणोपरांत देश का सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र दिया गया था।
फिल्म इसी ऐतिहासिक सैन्य पृष्ठभूमि को व्यक्तिगत स्मृतियों और पारिवारिक दुख के साथ जोड़ती है। कहानी सिर्फ युद्धभूमि तक सीमित नहीं रहती। यह उस असर को भी दिखाती है, जो युद्ध के बाद परिवारों और पीढ़ियों तक बना रहता है।
धर्मेंद्र की आखिरी ऑन-स्क्रीन उपस्थिति
फिल्म में दिवंगत धर्मेंद्र ब्रिगेडियर खेत्रपाल की भूमिका में दिखाई देते हैं। यह उनकी आखिरी ऑन-स्क्रीन अपीयरेंस बताई गई है। इस वजह से ‘इक्कीस’ को दर्शकों के बीच अतिरिक्त रुचि मिली है, खासकर उन लोगों के लिए जो धर्मेंद्र की फिल्मों और उनके लंबे करियर को करीब से देखते रहे हैं।
फिल्म के कथानक में एक पिता का दृष्टिकोण भी अहम है। कहानी युद्ध के बाद के उस दौर में जाती है, जहां पिता अपने बेटे के आखिरी दिनों की यादों को समेटने की कोशिश करता है। फिल्म इस खामोशी और शोक में सुकून खोजने की परत भी सामने लाती है।
सिर्फ एक्शन नहीं, युद्ध की कीमत पर भी फोकस
भले ही ‘इक्कीस’ एक युद्ध आधारित फिल्म है, लेकिन यह सिर्फ एक्शन तक सीमित नहीं है। फिल्म में बहादुरी और सैन्य नेतृत्व के साथ इंसानियत की परतें भी दिखाई गई हैं। साथ ही युद्ध की व्यर्थता और बंटवारे के जख्मों जैसे विषयों को भी कहानी का हिस्सा बनाया गया है।
फिल्म का फोकस वीरता को सलाम करने के साथ उस कीमत पर भी है, जो एक पूरी पीढ़ी को चुकानी पड़ती है। इसी वजह से यह वॉर ड्रामा पारंपरिक युद्ध फिल्मों से अलग भावनात्मक और ऐतिहासिक संदर्भ लेकर आता है।
निर्माण टीम और प्रोडक्शन विवरण
‘इक्कीस’ को दिनेश विजन ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले बनी है और बिन्नी पड्डा ने इसे को-प्रोड्यूस किया है। श्रीराम राघवन के निर्देशन, युवा कास्ट और धर्मेंद्र की आखिरी उपस्थिति के कारण यह फिल्म ओटीटी रिलीज के बाद भी चर्चा में बनी हुई है।
कुल मिलाकर, ‘इक्कीस’ एक ऐसी फिल्म के रूप में सामने आती है जो सैन्य इतिहास, व्यक्तिगत क्षति और पीढ़ियों पर पड़े असर को साथ लेकर चलती है। Prime Video पर रिलीज के बाद अब इसे भारत के साथ वैश्विक दर्शकों तक पहुंच मिल गई है।