Indore News : मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में बीते पांच दिनों से डायरिया (उल्टी-दस्त) ने पैर पसार लिए हैं। इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आने से एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई है, जबकि बस्ती के 150 से अधिक लोग अब तक बीमार हो चुके हैं।
वर्तमान में 15 मरीजों का शहर के विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है। क्षेत्र में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने नलों से जलापूर्ति रोक दी है और टैंकरों के माध्यम से पानी बांटा जा रहा है।
बुजुर्ग की मौत और स्वास्थ्य विभाग पर सवाल
क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला के अनुसार, वर्मा अस्पताल में भर्ती 80 वर्षीय नंदलाल पाल की मंगलवार को मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अत्यधिक उल्टी और दस्त के कारण उन्हें गंभीर कमजोरी आ गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि बस्ती में पांच दिनों से लोग बीमार हो रहे थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की नींद सोमवार रात कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के दौरे के बाद खुली। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद ही डॉक्टरों की टीम सक्रिय हुई और अस्पतालों में भर्ती मरीजों का डेटा जुटाना शुरू किया गया।
गंदे पानी की सप्लाई बनी मुसीबत
भागीरथपुरा के रहवासियों ने नगर निगम और नर्मदा प्रोजेक्ट के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। नलों में शुरुआत में बेहद गंदा और बदबूदार पानी आता है, जिसके बाद कुछ ही देर के लिए साफ पानी मिलता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, जिसका परिणाम आज इस महामारी के रूप में सामने आया है।
प्रशासनिक सक्रियता और जांच
मंगलवार सुबह महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पार्षद और अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। स्थिति का जायजा लेने के बाद उन्होंने निर्देश दिए कि जब तक पानी के सैंपलों की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक टैंकरों से ही पेयजल की आपूर्ति की जाए।

हालाकि, नर्मदा विभाग के अधिकारियों का प्रारंभिक दावा है कि पानी दूषित नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए नए सिरे से सैंपल लिए हैं जिनकी रिपोर्ट का इंतजार है।
डॉक्टरों की सलाह और वर्तमान स्थिति
इलाज कर रहे डॉक्टरों के अनुसार, मरीजों में ‘डिहाइड्रेशन’ और अत्यधिक कमजोरी के लक्षण हैं। रोजाना 5 से 7 नए मरीज अस्पताल पहुँच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अब एहतियात के तौर पर बस्ती में ही एक मेडिकल टीम तैनात कर दी है, जो घर-घर जाकर सर्वे कर रही है और प्रभावितों को ओआरएस (ORS) के पैकेट व जरूरी दवाएं उपलब्ध करा रही है। देर रात मंत्री कैलाश विजयवर्गीय दिल्ली का दौर निरस्त करके इंदौर में बिमार मरीजों का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे।