दिग्विजय सिंह की भाजपा संगठन पर तारीफ, सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष ने दिया पार्टी में आने का ऑफर

मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह की खुले मंच से तारीफ करते हुए उन्हें भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का ऑफर देकर सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। आमतौर पर तीखी राजनीतिक बयानबाज़ी के लिए पहचाने जाने वाले दिग्विजय सिंह को लेकर मुख्यमंत्री का यह नरम और सराहनात्मक रुख कई लोगों को चौंकाने वाला लगा। डॉ. मोहन यादव ने दिग्विजय सिंह के अनुभव, राजनीतिक समझ और संगठनात्मक सोच की प्रशंसा करते हुए संकेत दिया कि यदि वे भाजपा में आते हैं, तो पार्टी को उनके अनुभव का लाभ मिल सकता है।

दरअसल, इस पूरे घटनाक्रम की जड़ कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट को माना जा रहा है, जो इन दिनों खूब वायरल हो रही है। इस पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने भाजपा के संगठनात्मक ढांचे और उसके अनुशासन की तारीफ की थी। विपक्ष के एक बड़े और मुखर नेता द्वारा भाजपा संगठन की सराहना करना अपने आप में असामान्य माना जा रहा है। इसी पोस्ट के बाद राजनीतिक अटकलों का बाजार गर्म हो गया और इसे कांग्रेस के भीतर असहजता बढ़ाने वाला कदम भी बताया जाने लगा।

मुख्यमंत्री के बयान के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी इस चर्चा में कूद पड़े। उन्होंने भी दिग्विजय सिंह को भाजपा में शामिल होने का औपचारिक और सार्वजनिक न्योता दे दिया। खंडेलवाल का कहना था कि यदि दिग्विजय सिंह भाजपा की नीतियों और संगठन से प्रभावित हैं, तो पार्टी के दरवाज़े उनके लिए खुले हैं। भाजपा नेतृत्व के इस दोहरे ऑफर ने इस पूरे मामले को और अधिक राजनीतिक वजन दे दिया है और इसे महज बयानबाज़ी से ऊपर ले जाकर संभावनाओं की श्रेणी में ला खड़ा किया है।

अब इस घटनाक्रम को लेकर सबसे ज्यादा निगाहें भाजपा के बड़े चेहरों पर टिकी हुई हैं। खास तौर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रतिक्रिया को लेकर सियासी हलकों में उत्सुकता बनी हुई है। दोनों ही नेता मध्यप्रदेश की राजनीति में मजबूत पकड़ रखते हैं और दिग्विजय सिंह के साथ उनका राजनीतिक इतिहास भी किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाते हैं—क्या इसे महज एक राजनीतिक शिष्टाचार मानते हैं या फिर किसी बड़े सियासी संकेत के रूप में लेते हैं।

कुल मिलाकर, दिग्विजय सिंह की एक पोस्ट से शुरू हुआ यह मामला अब प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति की सुर्खियों में आ चुका है। फिलहाल दिग्विजय सिंह की ओर से इस ऑफर पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन जिस तरह से भाजपा नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से उन्हें पार्टी में आने का न्योता दिया है, उसने आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश की राजनीति को और अधिक रोचक बना दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि यह सियासी चर्चा सिर्फ बयान तक सीमित रहती है या किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का रूप लेती है।