रिटायरमेंट के बाद दिग्विजय सिंह खोलेंगे ‘इंस्टीट्यूट’! लोगों को सिखाएंगे RSS की असली विचारधारा

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे राजनीति से रिटायरमेंट की बात कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने एक विशेष संस्थान खोलने की योजना का भी खुलासा किया है।

क्या है दिग्विजय सिंह की योजना

वायरल वीडियो में दिग्विजय सिंह कह रहे हैं कि वे रिटायर होने जा रहे हैं। रिटायरमेंट के बाद वे एक इंस्टिट्यूट खोलने की सोच रहे हैं। इस संस्थान में विभिन्न विचारधाराओं के बारे में पढ़ाया जाएगा।

जब राहुल गांधी ने पूछा कि कौन-कौन सी विचारधाराएं पढ़ाई जाएंगी, तो दिग्विजय ने जवाब दिया।

“ओबवियसली कांग्रेस की, मगर लेफ्ट की और आरएसएस की भी।” — दिग्विजय सिंह

राहुल गांधी ने जताई आपत्ति

दिग्विजय सिंह के इस जवाब पर राहुल गांधी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और RSS की विचारधारा बिल्कुल अलग है। दोनों को एक साथ नहीं रखा जा सकता।

“नहीं नहीं, हमारी और आरएसएस की विचारधारा बिल्कुल अलग है।” — राहुल गांधी

इस पर दिग्विजय सिंह ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि बात बिल्कुल सही है। लेकिन उनका मकसद अलग है।

“मैं लोगों को आरएसएस की असली विचारधारा बताऊंगा जिससे वह उसे समझ सकें।” — दिग्विजय सिंह

RSS नेता की मौजूदगी में हुई बातचीत

यह पूरी बातचीत एक खास संदर्भ में हुई। उस समय RSS के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सहस्त्रबुद्धे वहां मौजूद थे। दिग्विजय सिंह उनसे बात कर रहे थे।

इसी दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मकर द्वार से बाहर आ रहे थे। दिग्विजय सिंह ने उनका परिचय सहस्त्रबुद्धे से कराया।

परिचय कराते हुए दिग्विजय ने कहा कि ये बड़े काम के आदमी हैं। इसके बाद राहुल और प्रियंका काफी देर तक सहस्त्रबुद्धे से बातचीत करते रहे।

वीडियो वायरल होने के बाद चर्चा तेज

इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। दिग्विजय सिंह के रिटायरमेंट के ऐलान ने सबको चौंकाया है। वे लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहे हैं।

मध्य प्रदेश में वे दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में वे राज्यसभा सांसद हैं। उनकी यह घोषणा कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

विचारधारा संस्थान की अनूठी पहल

दिग्विजय सिंह की संस्थान खोलने की योजना अनूठी है। वे एक ही मंच पर विभिन्न विचारधाराओं को पढ़ाना चाहते हैं। इसमें कांग्रेस की विचारधारा शामिल होगी। वामपंथी विचारधारा भी पढ़ाई जाएगी। साथ ही RSS की विचारधारा भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होगी।

हालांकि दिग्विजय ने स्पष्ट किया कि वे RSS की असली विचारधारा लोगों को बताएंगे। उनका मकसद है कि लोग इसे समझ सकें।

राजनीतिक महत्व

यह घटना कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पहली बात, एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता का रिटायरमेंट का ऐलान। दूसरी बात, RSS नेता के साथ खुली बातचीत। तीसरी बात, राहुल और प्रियंका का RSS नेता से मिलना।

यह दृश्य राजनीतिक विरोधियों के बीच संवाद की एक मिसाल है। दिग्विजय सिंह ने दोनों पक्षों को जोड़ने की कोशिश की।

हालाकि राहुल गांधी ने विचारधारा के अंतर को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया।आने वाले समय में दिग्विजय सिंह की इस योजना पर सबकी नजर रहेगी। उनका संस्थान कब और कहां खुलेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।