महिला सशक्तिकरण पर आयोजित एक कार्यक्रम में अभिनेत्री और उद्यमिता की प्रतीक, जेनेलिया देशमुख ने सफलता, असफलता, मातृत्व और अपने व्यवसाय को लेकर अपने विचार साझा किए। उनका कहना था कि सफलता और असफलता हमारे जीवन के स्वाभाविक हिस्से हैं, जिनसे हमें ज्यादा घबराना नहीं चाहिए।
“सफलता या असफलता का कोई बड़ा अर्थ नहीं है”
जेनेलिया ने कहा, “सफलता और असफलता को ज्यादा महत्व नहीं देती। ये हमारे जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन असल बात यह है कि हमारे दैनिक जीवन में क्या प्रभाव डाल रहा है। मैंने हमेशा अपनी यात्रा को अपने तरीके से जिया।” एक ऐसी अभिनेत्री जिसने छह भाषाओं में अभिनय किया, मातृत्व के बाद ब्रेक लिया और फिर अपनी वापसी फिल्म से नया मुकाम हासिल किया, उनका मानना है कि हमें लोगों की बातों से प्रेरित नहीं होना चाहिए।
मातृत्व और उद्यमिता: जीवन के दो महत्वपूर्ण पहलू
जेनेलिया ने यह भी बताया कि मातृत्व और स्टारडम के बीच तालमेल बिठाना कितना चुनौतीपूर्ण था। “मैंने दस साल अपने बच्चों के साथ बिताए, लेकिन यह समय मुझे खुद पर और अपनी फैमिली पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर भी दिया। इस दौरान रितेश ने मुझसे कहा था कि हमें बच्चों को सक्षम बनाने का तरीका ढूंढना होगा।” इस दौरान ही उन्हें “इमेजिन” जैसे स्वास्थ्य उत्पाद की परिकल्पना आई, जो मांसाहार और शाकाहार के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
सफलता के नए आयाम
जेनेलिया की यात्रा एक प्रेरणा है, जो न केवल अपनी सफलता और असफलता को सच्चाई की तरह स्वीकार करती हैं, बल्कि अपने परिवार और व्यवसाय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी निभाती हैं। उनका मानना है कि समाज की अपेक्षाओं के बावजूद, हमें अपने जुनून के प्रति सच्चे रहकर ही सच्ची सफलता हासिल होती है।