इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में कदम बढ़ाते हुए शहर में ड्रोन सर्विलांस अभियान शुरू किया गया। रविवार रात डीसीपी क्राइम (प्रभारी ट्रैफिक) राजेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में शहर के व्यस्त इलाकों में हाई-रेजोल्यूशन ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। इस पहल का उद्देश्य यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना और अव्यवस्थित ट्रैफिक को नियंत्रित करना है।
अभियान के तहत रविवार रात लगभग 9 बजे ऐतिहासिक राजबाड़ा क्षेत्र में ड्रोन उड़ाए गए। इसके साथ ही विजयनगर और एमआईजी जैसे व्यावसायिक और भीड़भाड़ वाले इलाकों को भी निगरानी के दायरे में रखा गया। कंट्रोल रूम से लाइव फुटेज पर नजर रखी गई और जैसे ही किसी प्रकार का उल्लंघन दिखाई दिया, मौके पर मौजूद ग्राउंड टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। संकरी सड़कों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में ड्रोन कैमरों ने ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था की सटीक पहचान करने में अहम भूमिका निभाई।
ड्रोन निगरानी के दौरान पुलिस ने विशेष रूप से चार प्रमुख उल्लंघनों पर फोकस किया। नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े करना, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, लेफ्ट टर्न को बाधित करना और दुकानों के बाहर अतिक्रमण कर सड़क मार्ग को अवरुद्ध करना—इन सभी पर सख्त नजर रखी गई। नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मौके पर ही चालानी कार्रवाई की गई।
ड्रोन से चिन्हित मामलों पर पेट्रोलिंग टीमों ने तुरंत कार्रवाई की और संबंधित वाहन चालकों को चालान थमाए गए। शहर के चारों जोन में विशेष टीमें सक्रिय रहीं, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाकर यातायात अनुशासन बनाए रखने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विजयनगर और एमआईजी जैसे व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में यह कार्रवाई आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगी। उनका मानना है कि स्मार्ट तकनीक और डिजिटल मॉनिटरिंग के माध्यम से ट्रैफिक प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा और शहर में यातायात अनुशासन स्थापित किया जा सकेगा।