प्रवर्तन निदेशालय ने तीर्थ गोपीकॉन कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी पर फर्जी बैंक गारंटी जारी करने और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगे हैं। मध्य प्रदेश में चल रही जांच में वित्तीय धोखाधड़ी के कई सबूत सामने आए हैं।
सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को गुमराह करने के लिए नकली दस्तावेज तैयार किए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर बड़ी रकम हासिल की गई। ED की टीम ने कंपनी के कई ठिकानों पर छापेमारी की है।
जांच में सामने आई अनियमितताएं
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में पता चला है कि कंपनी ने योजनाबद्ध तरीके से धोखाधड़ी की। फर्जी बैंक गारंटी के जरिए निवेशकों और संस्थानों को निशाना बनाया गया। अधिकारियों ने कंपनी के बैंक खातों और लेन-देन की जांच शुरू कर दी है।
जांच एजेंसी ने कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए हैं। कई संदिग्ध लेन-देन की पहचान की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में और भी खुलासे होने की संभावना है।
मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
ED ने कंपनी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। जांच में पता चला है कि अवैध तरीके से हासिल की गई रकम को वैध दिखाने की कोशिश की गई। कंपनी के संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
अधिकारियों ने बताया कि कंपनी ने कई शेल कंपनियों के जरिए पैसे की हेराफेरी की। विभिन्न बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई। जांच एजेंसी इन सभी लेन-देन की गहन जांच कर रही है।
आगे की कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में कई लोगों से पूछताछ की है। कंपनी के प्रमुख अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। जांच के दौरान और भी महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी। ED इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर निपटा रही है।