दांतों का पीलापन, दर्द और सांसों की बदबू? किचन में मौजूद इन 4 चीजों से पाएं तुरंत आराम

खराब लाइफस्टाइल और खानपान की गलत आदतों का असर सिर्फ सेहत पर ही नहीं, बल्कि हमारे दांतों पर भी पड़ता है। दांतों में दर्द, पीलापन, मसूड़ों से खून आना या सांसों की बदबू जैसी समस्याएं अक्सर लोगों को परेशान करती हैं। हालांकि किसी भी गंभीर समस्या के लिए दंत चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है, लेकिन कुछ शुरुआती दिक्कतों को आप घर पर मौजूद चीजों से भी दूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही असरदार घरेलू नुस्खों के बारे में।

दांत दर्द से तुरंत राहत के लिए

अचानक होने वाला दांत दर्द बेहद तकलीफदेह हो सकता है। ऐसे में लौंग का तेल एक प्राकृतिक दर्द निवारक की तरह काम करता है। इसमें यूजेनॉल नामक तत्व होता है जो सूजन और दर्द को कम करता है। एक रूई के फाहे में लौंग का तेल लगाकर दर्द वाले दांत पर रखें। इसके अलावा, लहसुन की एक कली को पीसकर उसमें थोड़ा नमक मिलाएं और इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाने से भी आराम मिलता है।

पीले दांतों को सफेद कैसे बनाएं?

चाय, कॉफी या अन्य चीजों के सेवन से दांतों पर पीलापन आ जाता है। इसे हटाने के लिए बेकिंग सोडा और नींबू का रस एक प्रभावी उपाय है। एक चम्मच बेकिंग सोडा में नींबू के रस की कुछ बूंदें मिलाकर एक पेस्ट बनाएं और इसे टूथब्रश से धीरे-धीरे दांतों पर लगाएं। इसे एक मिनट से ज्यादा न रखें और फिर कुल्ला कर लें। हफ्ते में एक या दो बार से ज्यादा इसका इस्तेमाल न करें, क्योंकि यह दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा, नारियल तेल से ऑयल पुलिंग करना भी दांतों को सफेद करने और मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है।

सांसों की दुर्गंध दूर करने के उपाय

सांसों की बदबू शर्मिंदगी का कारण बन सकती है। इससे छुटकारा पाने के लिए सौंफ और इलायची चबाना एक बहुत पुराना और कारगर नुस्खा है। ये दोनों ही प्राकृतिक माउथ फ्रेशनर का काम करते हैं और मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं। भोजन के बाद इन्हें चबाने से पाचन भी बेहतर होता है और सांसें भी ताजा रहती हैं।

मसूड़ों से खून आने पर क्या करें?

मसूड़ों से खून आना एक आम समस्या है, जो अक्सर मसूड़ों की सूजन या कमजोरी के कारण होती है। इसके लिए गुनगुने पानी में नमक मिलाकर कुल्ला करना सबसे आसान उपाय है। नमक का पानी एंटीसेप्टिक की तरह काम करता है और सूजन को कम करता है। इसके अलावा, हल्दी और सरसों के तेल का पेस्ट बनाकर मसूड़ों पर हल्की मालिश करने से भी फायदा होता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है।

ध्यान दें: यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये घरेलू नुस्खे केवल मामूली समस्याओं और अस्थायी राहत के लिए हैं। अगर आपकी समस्या गंभीर है या कुछ दिनों में ठीक नहीं हो रही है, तो बिना देर किए किसी विशेषज्ञ दंत चिकित्सक से संपर्क करना ही सबसे बेहतर विकल्प है।