इंदौर में ‘संकल्प से समाधान’ में प्रभावी क्रियान्वयन: 1.37 लाख आवेदनों का त्वरित निराकरण, 31 मार्च तक चलेगा अभियान

Indore News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप मध्यप्रदेश में ‘सुशासन से स्वराज’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए इंदौर जिले में ‘संकल्प से समाधान’ अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

कलेक्टर शिवम वर्मा के कुशल निर्देशन में संचालित इस अभियान के माध्यम से सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सीधे पात्र नागरिकों के दरवाजे तक पहुँच रहा है। अब तक जिले में प्राप्त 1,39,400 से अधिक आवेदनों में से 1,37,197 का सफल निराकरण किया जा चुका है, जो प्रशासनिक सक्रियता का एक बड़ा उदाहरण है।

चार चरणों में समाधान की रूपरेखा

स्वामी विवेकानंद की जयंती (युवा दिवस) 12 जनवरी से शुरू हुआ यह अभियान आगामी 31 मार्च 2026 तक कुल चार चरणों में आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की 65 सेवाओं और 41 जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचाना है।

  • प्रथम चरण (12 जनवरी – 15 फरवरी): इस दौरान ग्राम पंचायतों और नगरीय वार्डों में घर-घर जाकर और शिविरों के माध्यम से आवेदन एकत्र किए गए।

  • द्वितीय चरण (जारी – 16 मार्च तक): वर्तमान में अभियान अपने दूसरे चरण में है, जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों में क्लस्टर स्तर (15-30 पंचायतों का समूह) और शहरी क्षेत्रों में जोन स्तर पर शिविर लगाए जा रहे हैं।

  • तृतीय चरण (16 मार्च – 26 मार्च): इस चरण में विकासखंड और नगर स्तर पर फोकस किया जाएगा। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और सीईओ जनपद की निगरानी में लंबित प्रकरणों को निपटाया जाएगा।

  • चतुर्थ चरण (26 मार्च – 31 मार्च): अंतिम चरण जिला स्तर पर आयोजित होगा। इसमें प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में विशाल हितलाभ वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा, जहाँ शेष आवेदनों का अंतिम निराकरण कर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

तकनीक और पारदर्शिता का संगम

अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शिता है। पूरी प्रक्रिया सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही है। आवेदनों के पंजीयन से लेकर उनके निराकरण तक की हर प्रविष्टि पोर्टल पर दर्ज की जा रही है, जिससे आम जनता को अपनी शिकायतों और आवेदनों की स्थिति जानने में आसानी हो रही है।

अधिकारियों को प्रोत्साहन

कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल कागजी खानापूर्ति नहीं बल्कि वास्तविक समाधान का जरिया है। अभियान के दौरान जो अधिकारी और कर्मचारी संवेदनशीलता के साथ उत्कृष्ट कार्य करेंगे, उन्हें चतुर्थ चरण के दौरान सार्वजनिक रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। तहसीलदार, जनपद सीईओ और सीएमओ को नोडल अधिकारी बनाकर जवाबदेही तय की गई है।

जनता को सीधा लाभ

इंदौर जिले के विभिन्न वार्डों, ग्राम पंचायतों और विकासखंडों में आयोजित हो रहे इन शिविरों से जनता में भारी उत्साह है। विशेषकर उन वृद्धजनों और दिव्यांगों को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब ‘संकल्प से समाधान’ के तहत प्रशासन खुद चलकर जनता के पास आ रहा है।