मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार इंदौर शहर के प्रत्येक वार्ड में संचालित “संकल्प से समाधान अभियान” और हर मंगलवार को पानी की टंकियों पर आयोजित की जा रही जल सुनवाई के क्रम में गांधी हॉल स्थित पानी की टंकी परिसर में जल सुनवाई का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव और आयुक्त क्षितिज सिंघल ने निरीक्षण कर कार्यक्रम में सहभागिता की और नागरिकों से सीधे संवाद किया।
नागरिकों की समस्याएं सुनीं, त्वरित समाधान के निर्देश
जल सुनवाई के दौरान महापौर और आयुक्त ने नागरिकों से जल आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव विस्तार से सुने। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। विशेष रूप से स्नेहलतागंज क्षेत्र में गंदे पानी की शिकायतों को लेकर चल रहे सुधार कार्यों की प्रगति की जानकारी भी अधिकारियों से ली गई।

स्नेहलतागंज में नर्मदा लाइन लीकेज का निरीक्षण
इसके बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव और आयुक्त क्षितिज सिंघल ने स्नेहलतागंज क्षेत्र में नर्मदा पेयजल लाइन में हुए लीकेज के संधारण कार्य का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लीकेज मरम्मत का कार्य जल्द से जल्द और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि नागरिकों को स्वच्छ और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
सफाई, जलप्रदाय और सीवरेज पर रहेगा फोकस
इस दौरान महापौर ने स्पष्ट कहा कि सफाई व्यवस्था, जलप्रदाय और सीवरेज से जुड़े कार्य नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इन सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध कराई जाएंगी।

सम्पवेल निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा
जल सुनवाई और लीकेज निरीक्षण के बाद महापौर और आयुक्त ने निगम वर्कशॉप के पीछे निर्माणाधीन सम्पवेल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इसे तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
जिंसी हाट मैदान और सुभाष चौक को मिलेगा पर्याप्त पानी
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में यशवंत सागर तालाब से आने वाले पानी से जिंसी हाट मैदान और सुभाष चौक स्थित पानी की टंकियों को दिन में केवल एक बार भरा जा रहा है। सम्पवेल का निर्माण पूरा होने के बाद इन दोनों टंकियों को प्रतिदिन दो बार भरा जा सकेगा। इससे संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में, नियमित और पूर्ण क्षमता के साथ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद गजानंद गावडे, सुरेश टाकलकर, जोनल अधिकारी राज ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे और व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी साझा की।