सड़क मरम्मत और टोल व्यवस्था में सुधार पर जोर, सी.ई.टी.पी. चालू होने से स्थानीय उद्योगों को मिलेगा लाभ

एम.पी.आई.डी.सी क्षेत्रीय कार्यालय इंदौर के कार्यकारी संचालक ने बुधवार को इन्फ्रा और तकनीकी कक्ष के अधिकारियों के साथ राऊ-पीथमपुर रोड, रंगवासा औद्योगिक क्षेत्र, निर्माणाधीन वर्किंग वूमेन होस्टल और पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सड़क, औद्योगिक जल आपूर्ति और निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लेना था।

राऊ-पीथमपुर रोड की मरम्मत और यातायात सुधार

पिछले समय में राऊ-पीथमपुर रोड की खराब स्थिति को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इस संबंध में टोल कंपनी को तत्काल मरम्मत कार्य करने के निर्देश दिए गए थे। निरीक्षण के दौरान कार्यकारी संचालक ने पूर्व में दिए गए निर्देशों की समीक्षा की और मार्ग की गुणवत्ता और काम की गति बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। खासकर सुबह और शाम के समय उच्च यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए, टोल की क्षमता में सुधार करने के निर्देश भी दिए गए।

औद्योगिक क्षेत्र में जल आपूर्ति और विकास कार्य

रंगवासा औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे सी.ई.टी.पी. और सड़क निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया गया। सी.ई.टी.पी. की क्षमता 250 किलोलीटर प्रतिदिन है, जो चालू होने के बाद फूड इंडस्ट्री जैसी स्थानीय औद्योगिक इकाइयों को लाभ पहुंचाएगी। इस परियोजना से औद्योगिक जल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी और स्थानीय शिकायतों में कमी आएगी।

महिलाओं के लिए सुरक्षित और स्वस्थ कार्यस्थल

पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में निर्माणाधीन वर्किंग वूमेन होस्टल का भी निरीक्षण किया गया। यह परियोजना औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित, साफ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करेगी। होस्टल की स्थापना से महिलाएं घर से दूर रहकर भी बेहतर ढंग से कार्य कर सकेंगी और उनकी सहभागिता को बढ़ावा मिलेगा।

औद्योगिक क्षेत्र की नियमित देखरेख

निरीक्षण के दौरान अन्य मेंटेनेंस कार्यों जैसे ड्रेनेज लाइन, स्ट्रीट लाइट और सड़क की स्थिति का भी जायजा लिया गया। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि औद्योगिक क्षेत्र के रख-रखाव में कोई लापरवाही न हो और काम कर रही एजेंसियों से नियमित रिपोर्ट प्राप्त की जाए। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों की शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने का आदेश भी दिया गया।