मनरेगा मुद्दे पर उपवास बना सियासी बहस, इंदौर में विजयवर्गीय का राहुल गांधी पर कटाक्ष

विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G योजना को लेकर कांग्रेस के विरोध के बाद भारतीय जनता पार्टी भी खुलकर मैदान में उतर आई है। गुरुवार को इंदौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गांधी परिवार से आगे सोच ही नहीं पाती और उन्हें समझ नहीं आता कि कांग्रेस को ‘राम’ नाम से आखिर क्या आपत्ति है।

राहुल गांधी के इंदौर दौरे और उपवास पर तंज

मंत्री विजयवर्गीय ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 17 जनवरी को प्रस्तावित इंदौर दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान कांग्रेस नेता मनरेगा को लेकर उपवास रखने और दिनभर विरोध करने की बात कर रहे हैं। इस पर तंज कसते हुए मंत्री ने कहा कि एक दिन उपवास रखने से देश का अन्न भी बचेगा।

गांधी परिवार के नाम पर योजनाओं का मुद्दा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि गांधी परिवार के नाम पर देश में करीब 600 योजनाएं और कई पुरस्कार हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राजीव गांधी खेल पुरस्कार का नामकरण ऐसे व्यक्ति के नाम पर किया गया, जिनका खेल से कोई सीधा संबंध नहीं रहा। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी के समय राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना शुरू हुई, फिर इसका नाम नेहरू रोजगार योजना हुआ, बाद में नरेगा और अंत में मनरेगा कर दिया गया। उनके अनुसार समय और परिस्थितियों के अनुसार योजनाओं के नाम और स्वरूप बदलते रहे हैं।

नई योजना में समय के अनुसार बदलाव

मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि VB-G RAM G योजना को वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि फसल कटाई और बोवनी के समय अक्सर मजदूरों की कमी हो जाती है। इसे देखते हुए कलेक्टर को अधिकार दिए गए हैं कि वे जरूरत पड़ने पर किसी विशेष अवधि में योजना को अस्थायी रूप से रोक सकें, ताकि खेती के लिए पर्याप्त मजदूर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने इसे देश की परिस्थितियों के अनुरूप बनाई गई योजना बताया।

विजन 2047 के तहत तैयार की गई योजना

मंत्री ने कहा कि यह योजना विजन 2047 को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। इसमें केवल रोजगार नहीं, बल्कि आजीविका को भी जोड़ा गया है, ताकि व्यक्ति दीर्घकालिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने बताया कि अब तक मनरेगा पर कुल 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जिनमें से सबसे बड़ा हिस्सा मोदी सरकार के कार्यकाल में खर्च हुआ है। उनके अनुसार यूपीए सरकार अपने दस वर्षों में इतना प्रभावी काम नहीं कर पाई।

मनरेगा में गड़बड़ियों के आरोप और सुधार

मंत्री विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि मनरेगा में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए, जहां सिर्फ गड्ढा खोदने और भरने जैसे काम दिखाकर भुगतान किया गया। इसी वजह से योजना में संशोधन किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब मशीनों से काम नहीं कराया जाएगा, मजदूरों को तीन साल में जॉब कार्ड का नवीनीकरण कराना होगा और सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं। साथ ही काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि

इस दौरान नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा, विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मंत्री विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने VB-G RAM G योजना के अलावा अन्य राजनीतिक मुद्दों पर कोई टिप्पणी नहीं की।