1 अप्रैल से होने जा रहे है 5 बड़े बदलाव; ATM निकासी से लेकर पैन कार्ड और HRA क्लेम पर होंगे बड़े अपडेट, जानें आप पर क्या होगा असर

New Delhi: नया वित्त वर्ष (2026-27) शुरू होने के साथ ही 1 अप्रैल से आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी और बैंकिंग आदतों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। केंद्र सरकार और विभिन्न बैंकों ने टैक्स फाइलिंग से लेकर पैन कार्ड बनवाने और एटीएम से पैसे निकालने तक के नियमों में संशोधन किया है। यदि आप नौकरीपेशा हैं या निवेश करते हैं, तो इन 5 बड़े बदलावों को समझना आपके लिए बेहद जरूरी है।
1. पैन कार्ड बनवाना अब नहीं होगा इतना आसान
अब तक केवल आधार कार्ड के जरिए चंद मिनटों में पैन (PAN) कार्ड बन जाता था, लेकिन 1 अप्रैल से यह प्रक्रिया अधिक सख्त होने जा रही है। अब आधार के साथ जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे सरकारी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। सरकार का उद्देश्य पैन कार्ड की सुरक्षा बढ़ाना और फर्जीवाड़े को रोकना है। हालाकि, इस प्रक्रिया में अब पहले की तुलना में थोड़ा अधिक समय लग सकता है।
2. HRA क्लेम पर आयकर विभाग की ‘पैनी नजर’
अगर आप किराए के मकान में रहते हैं और टैक्स छूट (HRA) का लाभ लेते हैं, तो सावधान हो जाएं। नए नियमों के अनुसार, यदि आपका सालाना किराया 1 लाख रुपये से अधिक है, तो मकान मालिक का पैन नंबर देना अनिवार्य होगा। साथ ही, अब एक नया फॉर्म भरना होगा जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि मकान मालिक आपके परिवार का सदस्य है या नहीं। यह कदम फर्जी रेंट रसीदों के जरिए टैक्स चोरी रोकने के लिए उठाया गया है।
3. क्रेडिट कार्ड: बड़े लेनदेन की सूचना सीधे इनकम टैक्स को
क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए दोहरी खबर है। अब सालभर में 10 लाख रुपये से ज्यादा का डिजिटल खर्च या 1 लाख रुपये से अधिक का नकद भुगतान करने पर इसकी जानकारी सीधे आयकर विभाग को जाएगी। वहीं, सुविधा के तौर पर अब कार्ड के जरिए टैक्स भुगतान का विकल्प भी मिलेगा, लेकिन ध्यान रहे कि इस पर अतिरिक्त ‘कन्वीनियंस शुल्क’ देना पड़ सकता है।
4. ATM से कैश निकालना होगा महंगा
देश के प्रमुख बैंकों ने मुफ्त एटीएम ट्रांजैक्शन की सीमा और कैश निकासी की लिमिट में बदलाव किया है:
  • HDFC Bank: मेट्रो शहरों में केवल 3 और नॉन-मेट्रो में 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन की अनुमति होगी।
  • PNB: कुछ डेबिट कार्ड्स पर दैनिक निकासी सीमा 1 लाख से घटाकर 50,000 रुपये कर दी गई है।
  • बंधन बैंक: महीने में केवल 5 मुफ्त फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन मिलेंगे, इसके बाद अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
5. ITR फाइलिंग की नई समयसीमा
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने वालों के लिए भी तारीखें स्पष्ट कर दी गई हैं। ITR-1 और ITR-2 (साधारण आय वाले) के लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई तय की गई है। वहीं, व्यापारिक आय वाले (ITR-3 और ITR-4) बिना ऑडिट वाले मामलों के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया है।
निष्कर्ष: 1 अप्रैल से होने वाले ये बदलाव स्पष्ट करते हैं कि सरकार वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा दे रही है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपने बैंक और टैक्स संबंधी दस्तावेजों को अपडेट कर लें ताकि आखिरी समय में किसी परेशानी या जुर्माने से बचा जा सके।