Budget 2026 Expectations : 1 फरवरी 2026 को देश का आम बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट प्रस्तुत करेंगी। हर साल की तरह इस बार भी बजट को लेकर आम आदमी, उद्योग जगत और निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं। महंगाई, टैक्स बोझ और भविष्य की आर्थिक स्थिरता को देखते हुए लोग सरकार से ठोस राहत और सुधारों की उम्मीद कर रहे हैं। खासतौर पर इनकम टैक्स, हेल्थ, ऑटोमोबाइल, डिफेंस और रेलवे सेक्टर पर सबकी निगाहें हैं।
इनकम टैक्स में राहत की सबसे ज्यादा उम्मीद
बजट 2026 से आम करदाताओं की सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स में राहत को लेकर है। नए टैक्स सिस्टम में टैक्स-फ्री इनकम की सीमा पहले ही 12 लाख रुपये कर दी गई है, लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण टैक्सपेयर्स अब इसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की मांग कर रहे हैं।
इसके साथ ही पुराने टैक्स सिस्टम को लेकर भी असमंजस बना हुआ है। सेक्शन 80C, 80D, होम लोन ब्याज पर सेक्शन 24(b) और NPS से जुड़ी छूट में लंबे समय से कोई बदलाव नहीं हुआ है। नए टैक्स सिस्टम में बार-बार राहत मिलने के बाद लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या सरकार पुराने टैक्स सिस्टम को धीरे-धीरे खत्म करेगी या उसमें आखिरी बार कुछ राहत देकर उसे जारी रखेगी।
सरल टैक्स नियम और तेज रिफंड की मांग
टैक्स स्लैब और छूट के अलावा आम लोग आसान इनकम टैक्स नियम, जल्दी रिफंड और कम नोटिस वाली व्यवस्था चाहते हैं। ITR प्रोसेसिंग में देरी, AIS की गलतियां, TDS से जुड़ी समस्याएं और बार-बार नोटिस आना नौकरीपेशा लोगों, फ्रीलांसरों और सीनियर सिटीजन्स के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट 2026 में टैक्स सिस्टम की दिशा को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।
हेल्थ सेक्टर में टैक्स छूट और निवेश की मांग
बजट 2026-27 से पहले हेल्थ सेक्टर में भी कई उम्मीदें हैं। सेक्शन 80C की सीमा को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाने और सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस पर मिलने वाली टैक्स छूट बढ़ाने की मांग फिर से तेज हो गई है। मेडिकल खर्च और इंश्योरेंस प्रीमियम लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में टैक्सपेयर्स ज्यादा राहत चाहते हैं।
इसके अलावा हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च, नई मेडिकल तकनीकों और मेडिकल एजुकेशन में बड़े निवेश की जरूरत महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार से ठोस समर्थन की उम्मीद है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर को EV पर फोकस की आस
आगामी बजट से ऑटोमोबाइल सेक्टर, खासकर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंडस्ट्री को बड़े नीतिगत समर्थन की उम्मीद है। ऑटो कंपनियां EV के पुर्जों पर लगने वाली ड्यूटी को सरल और कम करने, ग्राहकों को ज्यादा सब्सिडी और इंसेंटिव देने तथा देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की मांग कर रही हैं।
इसके साथ ही लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और EV को आम लोगों के लिए किफायती बनाने पर सरकार के फैसलों का इंतजार है।
डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता पर जोर
बजट 2026 में सरकार का फोकस आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने पर रहने की उम्मीद है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिफेंस, क्रिटिकल मिनरल्स, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और अफोर्डेबल हाउसिंग जैसे सेक्टरों को खास प्राथमिकता मिल सकती है। बदलते वैश्विक हालात और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए डिफेंस सेक्टर में सरकारी खर्च यानी कैपेक्स का बड़ा हिस्सा लगाए जाने की संभावना है, जिससे घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूती मिल सके।
रेलवे यात्रियों के लिए मिल सकती है राहत
रेलवे सेक्टर से भी इस बार अच्छी खबर की उम्मीद की जा रही है। सरकार कोरोना से पहले सीनियर सिटीजन को मिलने वाली रेल टिकट छूट को दोबारा शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगर बजट में इसकी घोषणा होती है, तो बुजुर्ग यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
इसके अलावा करीब 300 नई ट्रेनों के संचालन का ऐलान संभव है। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ट्रैक डबलिंग, नई रेल लाइनों का विस्तार, सिग्नलिंग सिस्टम का आधुनिकीकरण और स्टेशनों के रिडेवलपमेंट पर बड़े निवेश की संभावना जताई जा रही है।
कुल मिलाकर बजट से बड़ी उम्मीदें
कुल मिलाकर बजट 2026-27 से आम आदमी को टैक्स राहत, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, आधुनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत सुरक्षा ढांचे की उम्मीद है। अब देखना होगा कि सरकार इन उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है और किन सेक्टरों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देती है।