इंदौर में कलेक्टर के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, जंक फूड और स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता पर जोर

मध्यप्रदेश में विभिन्न स्थानों पर विक्रय किए जाने वाले जंक फूड, स्ट्रीट फूड एवं फास्ट फूड की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयुक्त खाद्य सुरक्षा संदीप यादव के निर्देशानुसार एक माह तक व्यापक स्तर पर निरीक्षण, जाँच, प्रशिक्षण एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन इंदौर द्वारा 1 अप्रैल 2025 को रजत जयंती काम्पलेक्स, स्कीम नं. 54 स्थित चौपाटी पर खाद्य सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उल्लेखनीय है कि रजत जयंती काम्पलेक्स चौपाटी ने FSSAI के ईट राइट चैलेंज-4 के तहत ‘ईट राइट स्ट्रीट फूड हब’ प्रमाणन के लिए आवेदन भी किया है।

इस अवसर पर चौपाटी स्थित प्रतिष्ठानों के संचालकों को खाद्य सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। जिनमें मुख्यत: परिसर की स्वच्छता सुनिश्चित करना, खाद्य पदार्थों को ढककर रखना एवं जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को 4°C से कम तापमान पर संरक्षित करना, मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG), खाद्य रंग, फ्लेवर एवं आर्टिफिशियल स्वीटनर का सीमित एवं सुरक्षित उपयोग, कच्चे माल एवं तैयार खाद्य पदार्थों की समय-समय पर जाँच करना, ग्राहकों की शिकायतों एवं सुझावों पर त्वरित कार्रवाई करना आदि शामिल हैं।

जंक फूड एवं खाद्य एडिटिव्स के अधिक उपयोग के नुकसान

विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि जंक फूड एवं फास्ट फूड में अत्यधिक फूड एडिटिव्स, आर्टिफिशियल फ्लेवर एवं प्रिज़र्वेटिव्स का अनियंत्रित उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इनमें MSG, सिंथेटिक रंग, आर्टिफिशियल स्वीटनर एवं ट्रांस फैट शामिल होते हैं, जो मोटापा एवं हृदय रोग को बढ़ावा देते हैं। पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं और गैस्ट्रिक समस्याएँ पैदा कर सकते हैं। एलर्जी एवं हाइपरएक्टिविटी जैसी समस्याओं का कारण बन सकते हैं, विशेषकर बच्चों में। लंबे समय तक अत्यधिक सेवन से कैंसर एवं अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसके अतिरिक्त मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (FSW) की सहायता से खाद्य पदार्थों की त्वरित जाँच एवं प्रशिक्षण दिया गया। मौके पर लिए गए रॉ मटेरियल एवं तैयार खाद्य पदार्थों के नमूनों की जाँच में कोई मिलावट नहीं पाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों ने खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।