नई दिल्ली। अमेरिका के बदनाम फाइनेंसर और यौन अपराधी जेफ्री एप्सटीन से जुड़े मामले में एक और भारतीय हस्ती का नाम सामने आया है। ब्रिटेन में भारत के पूर्व उच्चायुक्त और देश के मुख्य सूचना आयुक्त रह चुके वरिष्ठ राजनयिक यशवर्धन कुमार सिन्हा (वाईके सिन्हा) का नाम एप्सटीन की फाइलों में दर्ज है। यह खुलासा अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई द्वारा जारी किए जा रहे दस्तावेजों की नई सूची से हुआ है।
वाईके सिन्हा एक अनुभवी राजनयिक रहे हैं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। 2020 में उन्हें भारत का मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह ब्रिटेन और श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। एप्सटीन जैसे गंभीर मामले से जुड़े दस्तावेजों में उनका नाम आने से भारतीय प्रशासनिक और राजनयिक गलियारों में हलचल मच गई है।
कौन हैं वाईके सिन्हा?
यशवर्धन कुमार सिन्हा 1981 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी हैं। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई देशों में भारतीय मिशनों का नेतृत्व किया। उनकी सबसे महत्वपूर्ण नियुक्तियों में से एक ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त का पद था। सेवानिवृत्ति के बाद, नवंबर 2020 में केंद्र सरकार ने उन्हें मुख्य सूचना आयुक्त के प्रतिष्ठित पद पर नियुक्त किया था।
क्या है जेफ्री एप्सटीन मामला?
जेफ्री एप्सटीन अमेरिका का एक अरबपति फाइनेंसर था, जिस पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी और यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे थे। उसके दुनियाभर के प्रभावशाली लोगों से संबंध थे, जिनमें राजनेता, कारोबारी, वैज्ञानिक और शाही परिवारों के सदस्य शामिल थे। 2019 में गिरफ्तारी के बाद उसने न्यूयॉर्क की एक जेल में आत्महत्या कर ली थी।
एप्सटीन की मौत के बाद से ही अमेरिकी अदालत के आदेश पर उससे जुड़े दस्तावेज, फ्लाइट लॉग और संपर्क सूचियां सार्वजनिक की जा रही हैं। इन दस्तावेजों को ‘एप्सटीन फाइल्स’ कहा जाता है। एफबीआई एक-एक कर इन फाइलों से जुड़े लोगों के नाम जारी कर रही है, जिससे दुनिया भर की कई बड़ी हस्तियों के नाम उजागर हो रहे हैं। हालांकि, इन सूचियों में नाम आने का यह मतलब नहीं है कि व्यक्ति किसी अपराध में शामिल है, बल्कि यह दर्शाता है कि उसका किसी न किसी रूप में एप्सटीन से संपर्क या संबंध था।