Ujjain News: भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शनिवार तड़के उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और सुबह चार बजे होने वाली भस्म आरती में शामिल हुए। मंदिर प्रशासन के अनुसार उन्होंने प्रातःकालीन अनुष्ठान में सहभागिता की और भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया।
दौरे के दौरान धनखड़ करीब दो घंटे तक नंदी हाल में बैठे रहे। इस समय उन्होंने भगवान महाकाल का जप किया और आरती की प्रक्रिया को निकट से देखा। निर्धारित समय पर मंदिर पहुंचने के बाद उन्होंने ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए।
आरती पूर्ण होने के बाद पूर्व उपराष्ट्रपति ने देहरी से पुनः दर्शन किए और भगवान महाकाल को जल अर्पित किया। मंदिर परिसर में उनकी मौजूदगी के दौरान व्यवस्था सामान्य रही और श्रद्धालुओं की नियमित आवाजाही जारी रही।
मंदिर प्रबंध समिति ने किया स्वागत
मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने जगदीप धनखड़ का स्वागत किया। प्रशासनिक प्रोटोकॉल के तहत उन्हें प्रसाद और स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। मंदिर प्रबंधन के अधिकारियों ने दौरे से जुड़े औपचारिक कार्यक्रम पूरे किए।
धार्मिक अनुष्ठान के बाद धनखड़ ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत की। उन्होंने कहा कि देश में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं और धार्मिक स्थलों पर प्रबंधन में सुधार स्पष्ट दिखता है।
व्यवस्था और विकास कार्यों की सराहना
धनखड़ ने महाकाल मंदिर की व्यवस्था को लेकर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि यहां की व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित हैं और विकास कार्यों का असर दिखाई देता है। उनके अनुसार ऐसे स्थलों पर बेहतर प्रबंधन श्रद्धालुओं के अनुभव को सुगम बनाता है। देश में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है और धार्मिक स्थलों पर बेहतर प्रबंधन व विकास कार्य प्रशंसनीय हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि महाकाल के दरबार में आने से अहंकार, ईर्ष्या और प्रतिशोध जैसी भावनाओं का त्याग होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि मंदिर में आने पर मन को शांति का अनुभव होता है।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के होने वाली भस्म आरती देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक आकर्षण मानी जाती है। इसी क्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति का यह दौरा भी धार्मिक कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुआ, जिसमें दर्शन, जप, आरती सहभागिता और पारंपरिक सम्मान की औपचारिकताएं शामिल रहीं।