रानी मुखर्जी से लेकर डेजी शाह तक, बॉलीवुड सितारों ने परंपराओं के साथ मनाया मकर संक्रांति का त्योहार

Mumbai News : मकर संक्रांति का पावन पर्व देशभर में नई ऊर्जा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जहाँ आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सराबोर दिखा, वहीं बॉलीवुड के गलियारों में भी इस त्योहार की जबरदस्त धूम देखने को मिली।

श्रेयस तलपड़े, रानी मुखर्जी और डेजी शाह जैसे सितारों ने इस खास मौके पर अपनी पुरानी यादें ताजा कीं और प्रशंसकों के साथ खुशियां बांटी।
श्रेयस तलपड़े: पिता की विरासत और ‘इकबाल’ की यादें
अभिनेता श्रेयस तलपड़े के लिए यह त्योहार भावनाओं का समंदर लेकर आता है। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि मकर संक्रांति का जिक्र आते ही उन्हें अपने पिता की याद आती है। उनके पिता इस दिन को लेकर बच्चों की तरह उत्साहित रहते थे और उन्होंने ही श्रेयस को पतंगबाजी की बारीकियां और पेंच लड़ाना सिखाया था।

श्रेयस ने साझा किया कि वडोदरा में सुबह आठ बजे से रात तक छत पर रहना और अंधेरा होने पर ‘कैंडल बैलून’ छोड़ना उनकी सबसे अनमोल याद है।
उन्होंने अपनी फिल्म ‘इकबाल’ के दिनों को याद करते हुए बताया कि शादी के बाद की पहली संक्रांति उन्होंने अपनी पत्नी से दूर आंध्र प्रदेश के तेनाली में बिताई थी, जहाँ उन्हें इस त्योहार की कमी बहुत खली थी। उनके लिए मकर संक्रांति का अर्थ ही ‘परिवार का साथ’ है।
रानी मुखर्जी: गुजरात की गलियों में ‘मर्दानी’ अंदाज
बॉलीवुड की ‘क्वीन’ रानी मुखर्जी ने इस साल मकर संक्रांति को बेहद खास तरीके से मनाया। अपनी आगामी फिल्म ‘मर्दानी 3’ के प्रमोशन के लिए वह अहमदाबाद पहुंचीं। रानी ने न केवल प्रशंसकों के साथ मुलाकात की, बल्कि ढोकला और उंधियू जैसे गुजराती व्यंजनों का आनंद लेते हुए पतंग भी उड़ाई।
रानी ने कहा, “इस शुभ दिन पर गुजरात की धरती पर होना और लोगों का प्यार पाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। यह त्योहार अपनों के साथ खुशियां बांटने और पल को जीने का संदेश देता है।”
डेजी शाह: बदलाव और जीव दया का संदेश
वहीं, अभिनेत्री डेजी शाह के लिए मकर संक्रांति का नजरिया समय के साथ बदल गया है। बचपन में अपने पिता के साथ घंटों पतंग उड़ाने वाली डेजी अब बेजुबान पक्षियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती हैं।
उन्होंने त्योहार की परंपराओं का सम्मान करते हुए यह अपील भी की कि पतंगबाजी के दौरान हम पक्षियों और जानवरों को होने वाले नुकसान का ध्यान रखें। उनके लिए अब यह दिन परिवार के साथ मिलकर अच्छा खाना खाने और यादें बनाने तक सीमित है।