सरकारी आकलन से आगे निकल सकती है GDP ग्रोथ, SBI रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

सरकार के नए GDP बेस ईयर को अपनाने के बाद FY26 में भारत की आर्थिक विकास दर मौजूदा आधिकारिक अनुमानों से अधिक रह सकती है। नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (NSO) के पहले एडवांस अनुमान के अनुसार, FY26 में रियल GDP ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान है, जो FY25 की 6.5% ग्रोथ से ज्यादा है। इसी अवधि में ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) ग्रोथ 7.3% और नॉमिनल GDP ग्रोथ करीब 8% रहने की संभावना जताई गई है। ये आंकड़े इकोनॉमी में लगातार मजबूती के संकेत देते हैं।

SBI का आकलन: बेस ईयर बदलते ही बढ़ेगी रफ्तार

SBI की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जब GDP का बेस ईयर 2022-23 किया जाएगा, तो ग्रोथ की रफ्तार और तेज दिखाई दे सकती है। बैंक का मानना है कि FY26 में GDP ग्रोथ 7.5% के आसपास पहुंच सकती है और नए बेस ईयर के लागू होने के बाद यह आंकड़ा और ऊपर जा सकता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ज्यादा डेटा और संशोधनों के साथ दूसरा एडवांस अनुमान 27 फरवरी 2026 को जारी किया जाएगा, जिसमें बेस ईयर बदलाव का असर साफ नजर आ सकता है।

RBI और NSO अनुमानों में मामूली अंतर

SBI ने पुराने ट्रेंड्स का हवाला देते हुए कहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और NSO के GDP ग्रोथ अनुमानों के बीच का अंतर आमतौर पर 20 से 30 बेसिस पॉइंट्स के दायरे में ही रहा है। इसका मतलब यह है कि मौजूदा 7.4% का अनुमान व्यापक आर्थिक अपेक्षाओं के अनुरूप है और इसे काफी हद तक भरोसेमंद माना जा सकता है।

प्रति व्यक्ति आय में मजबूत बढ़ोतरी का अनुमान

इसी पृष्ठभूमि में SBI ने कहा है कि FY26 के लिए NSO का ग्रोथ अनुमान संतुलित और यथार्थवादी है। रिपोर्ट में आय स्तर में सुधार पर भी जोर दिया गया है। अनुमान है कि FY26 में प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय आय सालाना 16,025 रुपये बढ़कर 2,47,487 रुपये तक पहुंच सकती है। यह बढ़ोतरी देश की आर्थिक प्रगति और उपभोग क्षमता में सुधार को दर्शाती है।

सेक्टर-वाइज ग्रोथ का पूरा हाल

सेक्टर के लिहाज से देखें तो एग्रीकल्चर और इससे जुड़ी गतिविधियों में FY26 के दौरान कुछ सुस्ती देखने को मिल सकती है। इस सेक्टर की ग्रोथ 3.1% रहने का अनुमान है, जबकि FY25 में यह 4.6% थी। इसके उलट, सर्विसेज सेक्टर से कुल आर्थिक ग्रोथ को मजबूत सहारा मिलने की उम्मीद है। FY26 में सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ 9.1% रहने का अनुमान है, जो पिछले साल की 7.2% ग्रोथ से काफी ज्यादा है।

इंडस्ट्री और मैन्युफैक्चरिंग की स्थिति

SBI के अनुसार, FY26 में इंडस्ट्रियल ग्रोथ 6.0% रहने की संभावना है, जो FY25 की 5.9% ग्रोथ से थोड़ा बेहतर है। इसे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मजबूत 7.0% आउटपुट ग्रोथ का समर्थन मिलने की उम्मीद है। हालांकि, माइनिंग सेक्टर के लिए तस्वीर उतनी सकारात्मक नहीं दिखती। FY26 में माइनिंग आउटपुट में 0.7% की गिरावट का अनुमान है, जबकि FY25 में इस सेक्टर ने 2.7% की ग्रोथ दर्ज की थी।

आगे बदल सकते हैं अनुमान

SBI की रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि आने वाले समय में जैसे-जैसे नया डेटा सामने आएगा और GDP का नया बेस ईयर लागू होगा, वैसे-वैसे मौजूदा ग्रोथ अनुमानों में और संशोधन संभव है। कुल मिलाकर, नए बेस ईयर के साथ भारत की आर्थिक तस्वीर पहले से ज्यादा मजबूत और आशावादी नजर आ सकती है।