अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक बाजारों में कोहराम: सेंसेक्स 1400 अंक टूटा

New Delhi: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में गहराते युद्ध के कारण दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में खलबली मची हुई है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर आज भारतीय शेयर बाजार पर दिखा, जहाँ शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 1,400 अंक (2%) गिरकर 78,800 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी भी 500 अंकों की भारी गिरावट के साथ 24,400 के स्तर पर फिसल गया है।
बाजार में मचे इस कोहराम के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़त दर्ज की गई है।
बाजार में गिरावट के तीन बड़े कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, आज की इस बड़ी गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारक जिम्मेदार हैं:
  1. युद्ध का बढ़ता संकट: ईरान और इजराइल के बीच सीधा संघर्ष शुरू होने से वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित होने का डर है। विशेषकर ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर मंडराते खतरे ने निवेशकों को डरा दिया है।
  2. कच्चे तेल की उड़ान: तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल महज तीन दिनों में 13% से ज्यादा बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह महंगाई बढ़ने का सबसे बड़ा संकेत है।
  3. ग्लोबल सेल-ऑफ: अमेरिकी और एशियाई बाजारों में मची बिकवाली का ‘डोमिनो इफेक्ट’ भारतीय बाजार पर भी पड़ा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने आग में घी का काम किया है।
तेल की कीमतों में आग: ₹100 के पार जा सकता है पेट्रोल
कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया तेजी भारतीय आम आदमी की जेब पर भारी पड़ सकती है। जानकारों का अनुमान है कि यदि तनाव कम नहीं हुआ, तो कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। ऐसी स्थिति में:
  • दिल्ली में पेट्रोल ₹95 से बढ़कर ₹100 प्रति लीटर तक पहुँच सकता है।
  • डीजल ₹88 से बढ़कर ₹92 प्रति लीटर के पार जा सकता है। माल ढुलाई महंगी होने से खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भी उछाल आने की आशंका है।
सोने-चांदी में ऐतिहासिक तेजी, रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
जब-जब भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, निवेशक शेयर बेचकर सोने को ‘सुरक्षित पनाहगाह’ (Safe Haven) मानते हैं।
  • सोना: वायदा बाजार (MCX) में सोना 2,000 रुपए चढ़कर 1.63 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया है।
  • चांदी: चांदी में भी 2.5% की तेजी आई है और यह 2.72 लाख रुपए प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है।
वहीं, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 66 पैसे गिरकर 92.15 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा भारतीय बाजार से पैसा निकालने के कारण रुपए पर भारी दबाव है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल
आज एशियाई बाजारों में ‘ब्लैक वेडनेसडे’ जैसा नजारा दिखा।
  • दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स सबसे ज्यादा 10% टूट गया।
  • जापान का निक्केई 3.89% और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 1.87% गिरकर बंद हुआ।
अमेरिकी बाजार (डाओ जोंस) में भी कल रात 1,200 अंकों की गिरावट देखी गई थी, हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने बाजार को पूरी तरह क्रैश होने से बचा लिया। ट्रंप ने आश्वासन दिया कि अमेरिकी नौसेना ‘हॉर्मुज जलमार्ग’ से गुजरने वाले तेल टैंकरों को सुरक्षा देगी और समुद्री व्यापार के लिए किफायती इंश्योरेंस उपलब्ध कराया जाएगा। इस बयान के बाद अमेरिकी बाजारों ने करीब 800 अंकों की रिकवरी दिखाई।
निवेशकों के लिए आगे की राह
भारतीय बाजार में फिलहाल भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) का माहौल है। जहाँ विदेशी निवेशक (FII) बिकवाली कर रहे हैं, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) बाजार को थामने की कोशिश कर रहे हैं। 2 मार्च के आंकड़ों के अनुसार, DII ने 8,594 करोड़ रुपए की खरीदारी कर बाजार को सहारा देने का प्रयास किया है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि इस अनिश्चितता के दौर में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए और जियोपॉलिटिकल हालातों पर पैनी नजर रखनी चाहिए।