भारतीय शेयर बाजार के लिए आज यानी 11 मार्च का दिन भारी बिकवाली का रहा। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच गहराते संकट ने निवेशकों के सेंटीमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया। इस चौतरफा बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
बाजार का लेखा-जोखा: सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट
आज के कारोबार में सेंसेक्स 1,342 अंक (1.72%) की गोता लगाते हुए 76,864 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में 395 अंकों (1.63%) की गिरावट देखी गई और यह 23,867 के स्तर पर सिमट गया। बाजार में आज बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और आईटी (IT) सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा मार पड़ी।
बाजार टूटने के प्रमुख कारण
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आज की गिरावट के पीछे दो मुख्य वजहें रहीं:
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सप्लाई चेन पर संकट: ईरान और इजराइल के बीच युद्ध की आशंका से वैश्विक सप्लाई चेन बाधित होने का डर बना हुआ है।
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महंगाई का खतरा: कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारत जैसे देश के लिए चिंता का विषय है। यदि कीमतें बढ़ती हैं, तो भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ेगा, जिससे घरेलू बाजार में महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।
निवेशकों का रुख: FII की बिकवाली जारी
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक:
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10 मार्च को FIIs ने ₹4,672 करोड़ के शेयर बेचे।
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मार्च महीने में अब तक विदेशी निवेशक ₹32,849 करोड़ की निकासी कर चुके हैं।
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हालाँकि, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने बाजार को संभालने की कोशिश की और ₹6,333 करोड़ की खरीदारी की, लेकिन वे भारी बिकवाली को रोकने में नाकाम रहे।
ग्लोबल मार्केट का मिला-जुला असर
जहाँ भारतीय और अमेरिकी बाजारों (डाउ जोन्स में 34 अंकों की गिरावट) में सुस्ती रही, वहीं एशियाई बाजारों में स्थिति विपरीत थी। जापान का निक्केई 1.43% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.40% बढ़कर बंद हुए। चीन के शंघाई कंपोजिट में भी मामूली बढ़त देखी गई।
10 मार्च को आई बढ़त के बाद आज बाजार ने अपनी पूरी बढ़त गँवा दी है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखें और अत्यधिक अस्थिरता के इस दौर में सावधानी से निवेश करें।