सोने-चांदी के दाम क्रैश: ₹1.76 लाख से लुढ़ककर ₹1.55 लाख पर आया सोना, चांदी की चमक भी पड़ी फीकी

New Delhi/Mumbai News: भारतीय सर्राफा बाजार में इस समय उथल-पुथल का माहौल है। साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छूने वाले कीमती धातु के दाम अब धड़ाम से नीचे गिर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर स्थानीय मंडियों तक, सोने और चांदी की कीमतों में भारी बिकवाली देखी जा रही है। विशेष रूप से चांदी में आई गिरावट ने निवेशकों को हैरान कर दिया है, जो अपने उच्चतम स्तर से ₹1.35 लाख तक सस्ती हो चुकी है।
बाजार के ताजा समीकरण: अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दरें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता का असर घरेलू कीमतों पर साफ दिख रहा है। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना $4,977 के भाव पर ट्रेड कर रहा है, जिसमें दिन का ऊपरी स्तर $5,015 और निचला स्तर $4,960 रहा। वहीं चांदी 79.73 सेंट पर है।
भारतीय बाजारों की बात करें तो कीमतें इस प्रकार हैं:
  • सोना (नगद): ₹1,56,000 (कल के मुकाबले ₹500 की गिरावट)
  • सोना (RTGS): ₹1,54,200 (GST अतिरिक्त)
  • 22 कैरेट सोना (RTGS): ₹1,41,300
  • चांदी (नगद): ₹2,52,500 (कल के मुकाबले ₹1,800 की गिरावट)
  • चांदी (RTGS): ₹2,55,000
कीमतों में भारी गिरावट का सफर
इस साल 31 दिसंबर 2025 को सोने की कीमत ₹1.33 लाख थी, जो मात्र एक महीने के भीतर 29 जनवरी 2026 को ₹1.76 लाख के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गई थी। लेकिन तब से अब तक सोने में ₹20,596 की बड़ी गिरावट आ चुकी है।
चांदी की स्थिति और भी गंभीर है। ₹3.86 लाख के अपने ऑल-टाइम हाई से फिसलकर चांदी अब ₹2.51 लाख के करीब आ गई है। पिछले 48 दिनों में चांदी की कीमतों में ₹1.35 लाख का बड़ा ‘क्रैश’ देखा गया है।
युद्ध के माहौल में भी क्यों गिर रहे हैं दाम?
आमतौर पर युद्ध या वैश्विक तनाव (जैसे वर्तमान अमेरिका-ईरान तनाव) के समय सुरक्षित निवेश के रूप में सोने के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार ट्रेंड उल्टा है। इसके तीन मुख्य कारण हैं:
  1. कैश की प्राथमिकता: अनिश्चितता के दौर में निवेशक कीमती धातुओं के बजाय ‘लिक्विड कैश’ को प्राथमिकता दे रहे हैं।
  2. प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी की रिकॉर्ड तेजी के बाद बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपना स्टॉक बेचना शुरू कर दिया है, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई है।
  3. अमेरिकी फेडरल रिजर्व: ब्याज दरों को लेकर अमेरिका के सख्त रुख ने डॉलर को मजबूती दी है, जिससे सोने की चमक कम हुई है।
शहरों में कीमतों का अंतर: क्यों बदल जाते हैं रेट?
भारत के अलग-अलग शहरों में सोने के दाम एक समान नहीं होते। इसके पीछे चार प्रमुख कारण हैं:
  • ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा: लॉजिस्टिक और सिक्योरिटी खर्च के कारण बंदरगाहों से दूर के शहरों में सोना महंगा होता है।
  • खपत की मात्रा: दक्षिण भारत में भारी मांग के कारण ज्वेलर्स को थोक खरीदारी पर छूट मिलती है, जिसका लाभ ग्राहकों को कम दाम के रूप में मिलता है।
  • लोकल एसोसिएशन: स्थानीय ज्वेलरी संगठन मांग और आपूर्ति के आधार पर क्षेत्रीय दरें तय करते हैं।
  • पुराना स्टॉक: ज्वेलर्स के पुराने खरीद मूल्य का असर भी उनकी वर्तमान बिक्री दर पर पड़ता है।
विशेषज्ञों की राय: क्या अभी निवेश करना सही है?
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार, बाजार में गिरावट का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है। अनुमान है कि सोना ₹1.50 लाख और चांदी ₹2.50 लाख के स्तर तक गिर सकती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को अभी नई खरीदारी से बचना चाहिए और बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए।