नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध और आर्थिक अस्थिरता के बीच सर्राफा बाजार में हलचल मची हुई है। बीते डेढ़ महीने में कीमती धातुओं की कीमतों में ऐसी गिरावट देखी गई है, जिसने निवेशकों और आम खरीदारों को चौंका दिया है। इंडियन बुलियन ज्वैलर्स लिमिटेड (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में ₹41,000 से अधिक और चांदी में करीब ₹1.52 लाख की भारी कमी दर्ज की गई है।
आंकड़ों की नजर में: कीमतों का उतार-चढ़ाव
जनवरी के अंत में जहां सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर पर थे, वहीं अप्रैल की शुरुआत तक कीमतों में भारी करेक्शन देखा गया है।
धातु |
29 जनवरी 2026 का भाव |
2 अप्रैल 2026 का भाव |
कुल गिरावट |
सोना (24 कैरेट) |
₹1,75,340 (प्रति 10 ग्राम) |
₹1,34,293 (प्रति 10 ग्राम) |
₹41,047 |
चांदी |
₹3,79,888 (प्रति किलोग्राम) |
₹2,27,813 (प्रति किलोग्राम) |
₹1,52,075 |
पिछले एक महीने (मार्च से अप्रैल) की स्थिति देखें तो 2 मार्च को सोने का भाव ₹1,67,471 था, जिसमें अब तक ₹33,178 की कमी आ चुकी है। वहीं, इसी अवधि में चांदी ₹62,035 प्रति किलो तक टूट चुकी है।
क्यों आ रही है कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट?
आमतौर पर युद्ध या अस्थिरता के समय निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित विकल्प मानते हैं, लेकिन वर्तमान परिदृश्य काफी अलग है:
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डॉलर की बढ़ती ताकत: युद्ध के कारण वैश्विक महंगाई का डर तो है, लेकिन निवेशक इस बार सोने के बजाय अमेरिकी डॉलर पर भरोसा जता रहे हैं। डॉलर सूचकांक में लगातार मजबूती ने सोने की चमक फीकी कर दी है।
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कच्चे तेल का प्रभाव: कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने वैश्विक सेंटीमेंट को प्रभावित किया है। इससे बाजार में नकदी का प्रवाह प्रभावित हुआ है और निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए कीमती धातुओं से दूरी बनाई है।
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अनिश्चितता का माहौल: युद्ध की लंबी खिंचती स्थिति ने बाजार में भारी अस्थिरता पैदा कर दी है, जिससे पारंपरिक निवेश के तरीकों में बदलाव आया है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट अस्थाई हो सकती है या फिर एक लंबे करेक्शन का हिस्सा। हालांकि, वर्तमान में डॉलर की मजबूती सोने पर हावी है।
अस्वीकरण: सर्राफा बाजार के उतार-चढ़ाव कई कारकों पर निर्भर करते हैं। यह जानकारी केवल बाजार के आंकड़ों पर आधारित है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा अवश्य करें।