News Delhi: वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग के बीच सर्राफा बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। पिछले कुछ दिनों से आसमान छू रही कीमती धातुओं की कीमतों में अब भारी गिरावट का दौर शुरू हो गया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में एक ही दिन में रिकॉर्ड कमी दर्ज की गई है।
सोना ₹1.35 लाख और चांदी ₹2.01 लाख पर आई
सोमवार को बाजार खुलते ही सोने की कीमतों में 12,077 रुपये की बड़ी गिरावट देखी गई, जिससे 24 कैरेट शुद्ध सोना अब 1.35 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। इससे पहले इसकी कीमत 1.47 लाख रुपये थी।
वहीं, चांदी की चमक भी फीकी पड़ी है। एक किलो चांदी की कीमत में 30,864 रुपये की भारी कटौती हुई है, जिसके बाद इसके दाम 2.01 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गए हैं। गौरतलब है कि पिछले 24 दिनों के भीतर सोना कुल 23,956 रुपये और चांदी 65,200 रुपये सस्ती हो चुकी है।
क्यों गिर रहे हैं दाम?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक बाजारों में मंदी की आशंका और बड़े निवेशकों द्वारा की जा रही मुनाफावसूली (Profit Booking) इस गिरावट का मुख्य कारण है। जनवरी में सोना अपने उच्चतम स्तर ₹1.76 लाख और चांदी ₹3.86 लाख तक पहुँच गई थी, जहाँ से अब तक सोना ₹41 हजार और चांदी ₹1.84 लाख सस्ती हो चुकी है।
विभिन्न शहरों में रेट अलग होने के 4 मुख्य कारण
अक्सर देखा जाता है कि दिल्ली, मुंबई या चेन्नई में सोने के भाव अलग होते हैं। इसके पीछे ये चार प्रमुख वजहें हैं:
परिवहन और सुरक्षा: सोने को सुरक्षित एक शहर से दूसरे शहर ले जाने का खर्च (ईंधन और सिक्योरिटी) अंतिम कीमत में जुड़ जाता है।
खपत और वॉल्यूम: दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में खपत 40% तक होती है। भारी मात्रा में खरीद के कारण वहां के ज्वेलर्स को मिलने वाली छूट का लाभ ग्राहकों को मिलता है।
लोकल एसोसिएशन: हर शहर की अपनी ज्वेलर्स एसोसिएशन होती है, जो स्थानीय मांग-आपूर्ति के आधार पर भाव तय करती है।
पुराना स्टॉक: ज्वेलर्स ने अपना स्टॉक किस पुराने रेट पर खरीदा है, यह भी उनके विक्रय मूल्य को प्रभावित करता है।