नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक समीकरणों के बदलने से भारतीय सर्राफा बाजार में आज बड़ी हलचल देखी गई। 28 अप्रैल को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों और खरीदारों के बीच चर्चा तेज हो गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने के दाम अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ चुके हैं।
सोना ₹1.50 लाख के करीब
आज 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत में ₹1,629 की कमी आई है, जिसके बाद भाव ₹1.50 लाख के स्तर पर आ गया है। गौरतलब है कि इसी साल 29 जनवरी को सोना ₹1.76 लाख के अपने ऑलटाइम हाई पर था। यानी पिछले तीन महीनों में सोना करीब ₹26 हजार सस्ता हो चुका है। साल की शुरुआत में इसकी कीमत ₹1.33 लाख थी, जो अब स्थिर होती दिख रही है।
चांदी में जबरदस्त क्रैश
चांदी की कीमतों में गिरावट सोने के मुकाबले कहीं अधिक भयावह रही। एक ही दिन में चांदी ₹5,381 टूटकर ₹2.38 लाख प्रति किलो पर आ गई है। चांदी का सफर इस साल काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है; 29 जनवरी को यह ₹3.86 लाख के शिखर पर थी, लेकिन मात्र 89 दिनों के भीतर इसमें ₹1.48 लाख की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
गिरावट के मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कीमतों में इस गिरावट के पीछे दो प्रमुख कारण हैं:
मुनाफावसूली: उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने तेजी से अपना मुनाफा निकाला है।
ईरान युद्ध की स्थिति: ईरान और पड़ोसी देशों के बीच तनाव में आए बदलावों और वैश्विक आर्थिक नीतियों के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में कमी आई है।
खरीदारों के लिए जरूरी सलाह
बाजार में आई इस गिरावट के बीच अगर आप ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
हॉलमार्क की जांच: हमेशा BIS हॉलमार्क वाला ‘सर्टिफाइड गोल्ड’ ही खरीदें। यह सोने की शुद्धता की गारंटी देता है।
कीमतों का मिलान: खरीदारी से पहले IBJA की वेबसाइट पर उस दिन के कैरेट (24k, 22k या 18k) के हिसाब से भाव जरूर क्रॉस चेक करें।
वर्तमान रुझानों को देखते हुए, सर्राफा बाजार में अभी अस्थिरता बनी रहने की संभावना है, जो लंबे समय के निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर भी हो सकती है।