सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट: क्या निवेश का है यह सही समय? जानें अपने शहर के ताजा भाव

नई दिल्ली | भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी उतार-चढ़ाव के बीच आज उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले कमजोर संकेतों के कारण घरेलू स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। यदि आप शादी-ब्याह या निवेश के लिए कीमती धातु खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
ग्लोबल मार्केट का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) में मंदी का रुख देखा जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड की कीमत फिसलकर 5,023 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। वहीं, चांदी भी दबाव में है और 80.645 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रही है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और डॉलर की मजबूती के चलते इन धातुओं की कीमतों में यह कमी आई है।
महानगरों में चांदी के दाम
आज चांदी की चमक भी कुछ फीकी पड़ी है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,750 रुपये के स्तर पर है। वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 27,500 रुपये खर्च करने होंगे। चेन्नई में चांदी थोड़ी महंगी है, जहाँ भाव 2,800 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा है।
प्रमुख शहरों में सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम)
शहर
24 कैरेट (शुद्ध सोना)
22 कैरेट (जेवराती सोना)
18 कैरेट
दिल्ली
1,59,810 रुपये
1,46,500 रुपये
1,19,890 रुपये
मुंबई
1,59,660 रुपये
1,46,350 रुपये
1,19,740 रुपये
चेन्नई
1,61,020 रुपये
1,47,600 रुपये
1,24,000 रुपये
लखनऊ
1,59,810 रुपये
1,46,500 रुपये
1,19,890 रुपये
अहमदाबाद
1,59,710 रुपये
1,46,400 रुपये
1,19,790 रुपये

भारतीय संस्कृति और सोने का अटूट रिश्ता
भारत में सोने का महत्व केवल एक ‘एसेट’ या निवेश तक सीमित नहीं है। यह हमारी परंपराओं, रीति-रिवाजों और भावनाओं का अभिन्न हिस्सा है। दीपावली, अक्षय तृतीया और शादियों के सीजन में सोना खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।
ग्रामीण इलाकों से लेकर आधुनिक शहरों तक, लोग इसे “संकट का साथी” मानते हैं। आर्थिक अनिश्चितता के दौर में सोना हमेशा एक सुरक्षित निवेश के रूप में उभरता है, जो परिवारों को भविष्य की सुरक्षा का अहसास कराता है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में यह मामूली गिरावट खरीदारों के लिए एक अच्छा अवसर हो सकती है, क्योंकि लंबी अवधि में सोने के दाम बढ़ने की ही उम्मीद रहती है।